Kanpur News: बेकाबू हुआ बुखार,डेगू मलेरिया रहा पांव पसार
Kanpur News: कानपुर देहात में बारिश के बाद मच्छरजनित बीमारियों में वृद्धि देखने को मिल रही है। जिले में मलेरिया के मामलों में जुलाई से अगस्त में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल की तुलना में, इस बार डेंगू और मलेरिया के मामलों में तेज वृद्धि हो रही है, जिससे स्वास्थ्य महकमा चिंतित है।

Kanpur News: कानपुर देहात। जिले में बारिश के बाद मच्छरजनित बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। जिले में जहां बुखार बेकाबू हो रहा है। वहीं मलेरिया व डेंगू ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। जून में जहां जिले में मलेरिया के सिर्फ सात केस थे। वहीं अगस्त तक इनकी संख्या बढ़कर तीन गुनी हो गई है। जबकि डेंगू के तीन केस मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। पिछले साल जिले में गंदगी व जलभराव की अनदेखी से ं254 मलेरिया व 61 डेंगू पीड़ित मरीज पाए गए थे। जबकि डेंगू के लक्षण वाले बुखार से बड़ी संख्या में लोगों की मौतें हुई थीं। इसके बाद भी जिम्मेदार गंभीर नहीं दिख रहे हैं। बीमारियों की रोकथाम के लिए जुलाई माह में चलाए गए संचारी रोग अभियान में महज खाना पूरी होने व जलभराव के साथ ही गंदगी की अनदेखी से जहां बुखार का प्रकोप बेकाबू हो रहा है। बीमारी की चपेट में आने से अकेले अगस्त माह में सात लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं जांच की रफ्तार धीमी होने के बाद भी मलेरिया के नए केस लगातार मिल रहे हैं।जून माह तक जहां मलेरिया पीड़ित मरीजों की संख्या सात थी, जबकि 5 केस व अगस्त में 9 केस मिलने के बाद मलेरिया पीड़ितों की संख्या बढ़कर 21 हो गई। इधर अगस्त माह में मैथा ब्लॉक के बैरी सवाई गांव की रहने वाली बुखार पीड़ित पूजा को कानपुर में हुई जांच में डेंगू से पीड़ित पाया गया। वहीं बचीत जसू झींझक के अंकित कुमार व सिखला रसूलाबाद की शीला देवी को भी जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा चौकन्ना हो गया है। डीएमओ मारूति दीक्षित ने बताया कि डेंगू के तीन व मलेरिया के अब तक 21 केस मिले हैं।इन सभी का उपचार कराया जा चुका है。
बेकाबू हो रहा बुखार, उल्टी, पेटदर्द व त्वचा रोग का भी कहर
जिले में जलभराव व गंदगी से गांवों से लेकर कस्बों तक बेकाबू हो रहे वायरल बुखार का प्रकोप फैजा है। जबकि उल्टी, दस्त, पेट दर्द व त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। गुरूवार को मेडिकल कालेज की ओपीडी में1855 नए व करीब तीन सौ पुराने मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसके चलते पंजीकरण से लेकर दवा वितरण कक्ष व पैथालॉजी में मरीजों को घंटों लंबी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा.


