शिक्षाविद का जीवन किताब के समान, हर समय देता रोशनी
Kanpur News - शिक्षाविद का जीवन किताब के समान, हर समय देता रोशनी शिक्षाविद का जीवन किताब के समान, हर समय देता रोशनी शिक्षाविद का जीवन किताब के समान, हर समय देता रोशनी

कानपुर। सेवानिवृत्त शिक्षक (माध्यमिक शिक्षा) होली मिलन समारोह में शिक्षक नेता वेणु रंजन भदौरिया ने कहा कि शिक्षक की महिमा उसके कार्यकाल से नहीं तय होती। एक-एक शिक्षक किसी ज्ञान के भंडार से कम नहीं होता। प्रत्येक शिक्षाविद का जीवन एक पुस्तक के समान होता है। सेवाएं समाप्त होने के बाद भी शिक्षक समाज में रोशनी फैलाता रहता है। पूर्व प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ शिक्षाविद डीसी तिवारी के आवास पर रविवार को आयोजित समारोह में शिक्षक नेता ने कहा कि आज से इस आवास कार्यालय का नाम शिक्षाविद भवन के नाम से जाना जाएगा। डीसी तिवारी ने बताया कि इसी भवन में स्वर्गीय अशोक सिंघल ने कई बार प्रवास भी किया है।पूर्व
शिक्षक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि अगले वर्ष से इसे हर साल आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में आए हुए अनुदानित विद्यालयों के 103 सेवानिवृत शिक्षकों सम्मानित किया गया। पूर्व प्रधानाचार्य वेदानन्द त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जिस प्रकार से नई पीढ़ी कार्य कर रही है, वह उत्साहवर्धक है। पूर्व प्रधानाचार्य रामचंद्र सिंह ने संस्कार युक्त शिक्षा के प्रवाह पर बल दिया। सेवानिवृत्त शिक्षकों की एक समिति का गठन भी किया गया।राजकुमार यादव, परमानंद शुक्ला, केएन शुक्ला, गौरव शुक्ला, विवेक दीक्षित, गंगासागर यादव, जितेंद्र, सुरेश अवस्थी, आरसी शर्मा, विजय शुक्ला, रेखारानी गुप्ता, रमाकांत द्विवेदी, सुरेंद्र शुक्ला, शिवचरण लाल वर्मा, जगदीश सिंह सिंगर, हर्ष बहादुर परिहार, बृजेन्द्र राठौर, योगेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे । संचालन सुधीर पांडे ने किया।
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