स्मार्ट ग्रिड मॉनीटरिंग सिस्टम में लाइव दिखेगा बिजली खर्च
कानपुर में रेलवे कॉलोनी के इलेक्ट्रिक लोको शेड में स्मार्ट ग्रिड मॉनीटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इससे बिजली की खपत का लाइव आकलन होगा, जिससे बिजली चोरी और फिजूल खर्च पर नकेल कसी जा सकेगी। रेलवे सोलर पैनल से अधिक बिजली उत्पादन कर रहा है और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

कानपुर, राममहेश मिश्र रेलवे कॉलोनी, इलेक्ट्रिक लोको शेड, ट्रैक्शन मोटर शेड जैसे कई अनुभागों में खर्च होने वाली बिजली का आकलन अब लाइव होगा। इससे यह पता चलेगा कि इन अनुभागों में कितने समय बिजली अधिक खर्च होती है और किस समय कम। इससे बिजली चोरी भी थमेगी। भविष्य में रेलवे बिजली उत्पादन में भी आत्मनिर्भर होगा। यह संभव होगा इलेक्ट्रिक लोको शेड में लग रहे स्मार्ट ग्रिड मॉनीटरिंग सिस्टम के तहत।
स्मार्ट ग्रिड मॉनीटरिंग सिस्टम
इलेक्ट्रिक लोको शेड के मंडल विद्युत अभियंता आलोक मिश्र ने बताया कि यह सिस्टम केस्को में लगे स्मार्ट मीटर की तरह काम करेगा। बशर्ते स्मार्ट ग्रिड मानीटरिंग सिस्टम आधुनिक तकनीक या फिर उससे अधिक विकसित संयंत्रों से लैस है। घरों में लगने वाले मीटर से सिर्फ महीने या एक दिन का आकलन होता है। स्मार्ट ग्रिड मानीटरिंग सिस्टम से लाइव दिखेगा। इससे पता रहेगा कि अमुख फीडर में कितने बजे कितनी यूनिट की खपत है। इसके साथ ही सोलर पैनल से कितनी बिजली बन रही है। इसके बाद सोलर पैनल की क्षमता बढ़ा उसे बैटरियों में संरक्षित कर लिया जाएगा। बैटरियों में ऊर्जा संरक्षित करने के लिए अभी समय लगेगा पर जल्द ही यह सुविधा होगी। बिजली संरक्षित करने की दिशा का स्मार्ट ग्रिड मानीटरिंग सिस्टम पहला कदम है। उत्तर मध्य रेलवे में इस तरह का पहला सिस्टम लग रहा है।
फायदे
- इलेक्ट्रिक शेड से बिजली सप्लाई उसका पल-पल लाइव
- बिजली बचाने में मानीटरिंग करना जरूरी, तभी तो समस्या का समाधान निकलेगा
- बिजली चोरी या फिर फिजूल खर्च पर भी नकेल कसेगी
- आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में रेलवे का स्मार्ट ग्रिड मानीटरिंग सिस्टम वरदान बनेगा
सोलर पैनल से बिजली सबसे अधिक रेलवे बनाता
रेलवे की मानें तो उसके छोटे स्टेशनों और बड़े अनुभागों में सबसे अधिक सोलर ऊर्जा का उत्पादन होता है। हर साल करोड़ों रुपये की बिजली रेलवे बचाता है। अब तो रेलवे ने बिजली संरक्षण की दिशा में काम शुरू कर दिया है। मंधना, गोविंदपुरी, फजलगंज, सेंट्रल स्टेशन सहित कई स्टेशनों औऱ रेलवे कारखानों में सोलर पैनल लगे हैं।
बिजली संरक्षण की दिशा में कदम
कोट्
बिजली बचाने और उसे संरक्षित करने का संयंत्र लगने की दिशा में रेलवे ने जो कदम बढ़ाया है, वह मील का पत्थर साबित होगा। स्मार्ट ग्रिड मानीटरिंग सिस्टम लगना शुरू है। जल्द ही यह काम करने लगेगा।
-राहुल त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता, लोको शेड
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