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कानपूर: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग, छह छात्र निलंबित

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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग से हड़कंप मच गया है। एमसीआई से ऑनलाइन की गई शिकायत में जूनियर छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सीनियरों ने उनके कपड़े उतरवा दिए। हॉस्टल मेस में दो घंटे खड़े रहने के साथ जूठे बरतन उठवाए गए। सर्दी में बाहर दौड़ाया गया। जब उन्होंने मना किया तो पीटा गया। एंटी रैगिंग कमेटी ने प्रथम दृष्टया इसे मारपीट की घटना मानते हुए छह छात्रों को निलंबित कर दिया है। उन्हें हॉस्टल खाली करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रो. आरसी गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। मामला चार दिसंबर की रात का है।

जूनियर छात्र मोहम्मद फैजान, हर्षित और अवनीश ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर रैगिंग की ऑनलाइन शिकायत दर्ज की है। जानकारी होते ही जीएसवीएम प्रशासन सतर्क हो गया। रात में ही सभी हॉस्टल वार्डेन, प्रॉक्टर और एंटी रैगिंग सेल के उपाध्यक्ष छात्रावास पहुंच गए। वहां पता चला बीएच-2 हॉस्टल मेस में दो छात्रों के बीच कुछ हुआ है, जिससे मामला बढ़ा है। सीनियर और जूनियरों के बीच मारपीट और कुछ छात्रों को चोटें आईं मगर इस बात को अफसर दबा गए। हालांकि जांच में पता चला कि वर्ष-2014 बैच के अवनीश सिंह, मनोज कुमार यादव, मनीष आर्या और 2015 के छात्र मोहम्मद फैजान, अवनीश कुमार और हर्षित के बीच कुछ बवाल हुआ है। दूसरे दिन इन सभी को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए गए।

एमसीआई की गाइडलाइन के मुताबिक रैगिंग की शिकायत पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करके सूचना देनी होती है, उसी कड़ी में कॉलेज प्रशासन ने मामले में तेजी दिखाई। गुरुवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में सभी शिकायत करने वाले छात्रों समेत सभी छह को निलंबित कर दिया गया। हॉस्टल से निष्कासन का नोटिस भी तामील करा दिया गया है।
 
एंटी रैगिंग सेल के प्रभारी प्रो. आरपी शर्मा ने रैगिंग से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि छात्रों के दो गुट भिड़ गए थे। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। कक्षाओं और छात्रावास से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। कमेटी जांच करेगी उसकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई होगी।

डीजीपी से भी हुई शिकायत
एमसीआई ने मामले की जांच के लिए डीजीपी सुलखान को भी ई-मेल भेजा है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से जीएसवीएम प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है।

400 मेडिकल छात्रों के रातों-रात लिए बयान
जीएसवीएम प्रशासन ने मामले को दबाने की पूरी कोशिश की। रातों-रात 400 से अधिक छात्रों के बयान लिए गए। रात एक बजे से बयान शुरू हुए और सुबह 7 बजे तक सभी से लिखित में बयान लिए गए ताकि कॉलेज बचाव कर सके। हॉस्टल वार्डेन से भी जानकारी ली गई।

जूठे बरतन उठाने को लेकर हुआ विवाद
सीनियर प्रोफेसर के मुताबिक सीनियर व जूनियर दोनों के बीच बराबर मारपीट हुई। विवाद ब्वॉयज हॉस्टल-2 मेस में जूठे बरतन उठाने को लेकर हुआ है। हॉस्टल वार्डेन ने संभालने की कोशिश की मगर रात एक बजे दोनों गुट दोबारा आमने-सामने आ गए।

हॉस्टल में गुटबाजी बढ़ी, संघर्ष की आशंका
हॉस्टल में गुटबाजी को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन हलकान हैं। छात्र रात में आए दिन मारपीट करते हैं। गुटों में तनाव को लेकर कभी संघर्ष की आशंका बन सकती है। पूर्व में कई बार रातभर छात्रों ने एक से दूसरे हॉस्टल में पत्थरबाजी की थी मगर मामले को कॉलेज प्रशासन ने पुलिस तक को नहीं जाने दिया। कॉलेज के वार्डेन कई बार इस आशय की रिपोर्ट दे चुके हैं। वैसे हालात पर नजर रखने के लिए कॉलेज प्रशासन ने खुफिया टीम लगा दी है।

दो महीने में रैगिंग की तीसरी घटना
जीएसवीएम में दो महीने में रैगिंग की यह तीसरी घटना है। अक्तूबर में एनेस्थीसिया विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने सीनियरों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 10 नवम्बर को एक छात्र के साथ कुछ जूनियर डॉक्टरों और एक शिक्षक पर रैगिंग का आरो लगा था।

तरंग को लेकर छात्रों ने दिया सामूहिक माफीनामा
वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम तरंग को रद करने पर छात्रों का एक गुट नाखुश है। छात्रों के गुट ने पहले दबाव बनाने की कोशिश की उसके बाद अब सामूहिक माफीनामा देने को तैयार हैं। गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार से भेंट करके तरंग कराने की अनुमति पर विचार करने का आग्रह किया। फिलहाल इसकी अनुमति नहीं दी गई। उधर, छात्रों का एक गुट तरंग कराने को लेकर छात्राओं को आगे करके शिक्षकों से सिफारिश करवा रहा है। गुरुवार को विभिन्न पैरा की छात्राओं ने अलग-अलग प्रोफेसरों से भेंट कर तरंग कराने की अपील की है।

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  • Web Title:ragging again in GSVM Medical College six students suspended
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