पुलिस आयुक्त जब तक सुनेंगे पीड़ितों की गुहार, लाइन पर रहेंगे थानेदार
एक महिला ने शादी का झांसा देकर धोखा देने के मामले में पुलिस आयुक्त के पास शिकायत की। पुलिस आयुक्त ने थानेदार को मामले की जांच के निर्देश दिए। शिकायतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने पीड़ितों की सुनवाई के दौरान थानेदारों को ऑनलाइन जोड़ने की व्यवस्था शुरू की।

केस पड़ताल : शादी का झांसा देकर एक महिला को युवक ने धोखा दिया। शिकायत लेकर महिला पुलिस आयुक्त के पास पहुंची। मामला रावतपुर से जुड़ा था। पुलिस आयुक्त ने थानेदार को तलब किया तो लैपटॉप की स्क्रीन पर रावतपुर थानेदार जय हिंद बोलते हुए सामने आए। महिला ने शिकायत की कि आरोपी कई महिलाओं को शादी का झांसा देकर फंसा चुका है। पुलिस आयुक्त ने थानेदार को निर्देश दिए कि मामले की दो दिनों में जांच कर आख्या उन्हें सौंपे। पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद महिला को शिकायत पर कार्रवाई का भरोसा मिला। प्रमुख संवाददाता, कानपुर।
शिकायतों की बढ़ती संख्या
थानों से मायूस होकर पुलिस आयुक्त कार्यालय आने वाले पीड़ितों की समस्या पर अब थानेदारों का जवाब भी तत्काल आएगा। समस्या के समाधान के साथ ही थानेदारों को मौके पर ही कार्रवाई के दिशा निर्देश भी दिए जाएंगे। पुलिस आयुक्त कार्यालय में पिछले दो दिनों से यह व्यवस्था शुरू की गई है। दरअसल पुलिस आयुक्त कार्यालय पर लगातार बढ़ रही शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ऐसे में जब तक पुलिस आयुक्त पीड़ितों की गुहार सुनेंगे तब तक थानेदार लाइन पर रहेंगे। केस पड़ताल में दिया गया मामला इसी ऑनलाइन सुनवाई से जुड़ा है।
थानेदारों की ऑनलाइन सुनवाई
पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत लेकर आने वाले पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आलम यह है हर दिन 100 से 125 तक शिकायतें लेकर लोग पहुंच रहे हैं। कई बार यह संख्या बढ़ जाती हैं। ऐसे में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक पीड़ितों की खुद सुनवाई करते हैं। अक्सर शिकायतें ऐसी होती हैं कि थानेदार भी तलब किए जाते हैं। हालांकि थानों से आने में उन्हें वक्त लगता है। ऐसे में एक तीर से दो निशाने लगाते हुए पुलिस आयुक्त ने सुनवाई के दौरान सभी थानेदारों को पीड़ितों की सुनवाई के दौरान ऑनलाइन जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए थानेदारों को एक लिंक मुहैया कराया गया है। सुबह 10 बजे से पुलिस आयुक्त के सामने एक लैपटॉप रखा जाता है जिस पर कमिश्नरेट के सभी 52 थानेदार जुड़ते हैं। सुनवाई पूरी होने तक सभी थानेदार जुड़े रहते हैं। जिस थाना क्षेत्र से पीड़ित समस्या लेकर आता है, लैपटाॅप संचालित कर रहे पुलिस कर्मी थानेदार को माइक और वीडियो खोलने का निर्देश देते हैं। जिसके बाद पुलिस आयुक्त पीड़ित की समस्या पर थानेदार से बात करते हैं। समस्या पुरानी है तो थानेदार कार्रवाई न होने की वजह बताते हैं। जानकारी न होने पर फिर पुलिस आयुक्त कार्रवाई संबंधी निर्देश जारी करते हैं। पिछले दो दिनों से यह व्यवस्था कमिश्नरेट में लागू की गई है।
पुलिस आयुक्त का उद्देश्य
इस व्यवस्था की मंशा सिर्फ एक है कि पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत लेकर आने वाले पीड़ितों को तत्काल राहत मिल सके। इसीलिए थानेदारों को भी शिकायत सुनने के दौरान जोड़ा जाता है। - रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त
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