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कानपुर

पेठा कारखाना बंद करने की नोटिस ने नींद उड़ाई

हिन्दुस्तान टीम,कानपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 06:20 PM
पेठा कारखाना बंद करने की नोटिस ने नींद उड़ाई

पेठा कारखाना हरवंशमोहाल क्षेत्र से हटाने का नगर निगम की नोटिस से लगभग 71 साल पुराने व्यापार के सामने विकल्प की समस्या खड़ी हो गई है। कारखाना संचालकों की नींद उड़ गई है। घनी आबादी के मोहल्ले में चल रहे कारखाने हटने से हरवंश मोहाल और आसपास के मोहल्लों के क्षेत्रीय लोगों को राहत मिलेगी। दूसरी ओर इस व्यापार से जुड़े लगभग 4000 लोगों के सामने संकट सताने लगा है। व्यापारियों ने प्रशासन से विकल्प देने की मांग की है।

हरवंशमोहाल, हूलागंज, एक्सप्रेस-रोड, केनाल रोड समेत यहां के घने मोहल्लों में लगभग 1950 से पेठा के कारखानें चल रहे हैं। यहां कुम्हड़ा से पेठा बनाया जाता है। कारखाने से निकलने वाले कचरे, गंदगी और प्रदूषण का मुद्दा हमेशा उठता है। नगर निगम ने प्रदूषण के चलते यहां के लगभग 40 कारखाना संचालक को काम बंद करने का नोटिस दिया है। यहां रोज 1 लाख रुपये से ज्यादा का रोज पेठे का कारोबार होता है। 200 से ज्यादा पेठे की थोक और फुटकर दुकानें आसपास ही हैं। वहीं, एक्सप्रेस रोड व्यापार मंडल के अध्यक्ष रोशन गुप्ता के मुताबिक पेठे के लगभग 40 कारखानें हैं। यहां पर तैयार माल प्रदेश के कई जिलों में जाता है। इस व्यापार से लगभग 4000 लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। प्रदूषण के चलते कारखाने हटाने का नोटिस दिया गया है। प्रशासन को हटाने से पहले विकल्प तय कर देना चाहिए था। इस समस्या के निराकरण के लिए व्यापारी जल्द नगर आयुक्त से मुलाकात कर वैकल्पिक व्यवस्था तक काम करने की अनुमति मांगेंगे।

कचरे की बदबू से सांस लेना दूभर

क्षेत्रीय राकेश गुप्ता के मुताबिक, पेठा कारखाने से यहां पर प्रदूषण बहुत है। कुम्हड़ा खराब होने पर फेंक दिया जाता है। कुम्हड़े के कचरे की बदबू से सांस लेना मुश्किल होता था।

हटाना है तो विकल्प दें

दुकानदार राज के मुताबिक, नगर निगम की टीम ने पुलिस के साथ आकर अचानक कारखाना बंद करने का नोटिस दिया है। प्रशासन को विकल्प देकर हटाने का नोटिस देना चाहिए।

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