DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कानपुर में रोडवेज बसों में सीट के लिए हुई मारा-मारी, खड़े होकर गए यात्री

default image

रक्षाबंधन पर अतिरिक्त बसों का दावा करने वाले परिवहन विभाग के सभी दावे हवा-हवाई निकले। रक्षाबंधन के लिए दिन पहले बुधवार की शाम को मेजर सलमाल खान अंतराज्यीय बस अड्डा (झकरकटी) में यात्रियों को एसी बसों की तो बात छोड़ दीजिए साधारण बसों में भी खड़े होने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। देर रात तक लोग रोडवेज बसों में सीट पाने के लिए संघर्ष करते रहे। लंबी दूरी की बसों में भी यात्रियों को खड़े होकर जाना पड़ा।

रक्षाबंधन से पूर्व आरएम अतुल जैन ने दावा किया था कि दिल्ली, प्रयागराज, वाराणसी, बांदा, हमीरपुर, बरेली, झांसी समेत अन्य रूटों के लिए अतिरक्त बसों का संचालन झकरकटी से किया जाएगा। इसके साथ ही कई रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। रक्षाबंधन से पहले बुधवार शाम को सैकड़ों यात्री रोडवेज बसों पर सीट पाने के लिए संघर्ष करते नजर आए। प्रयागराज और वाराणसी के लिए जनरथ एसी यात्रियों को नहीं मिली। जो बसें रवाना भी हुईं उसमें यात्रियों को खड़े होकर जाना पड़ा। इसी तरह दिल्ली के रूट पर बस के लिए देर रात तक यात्री संघर्ष करते रहे लेकिन बस नहीं मिली। प्रतापगढ़, झांसी, हमीरपुर, बांदा रायबरेली समेत अन्य रूटों पर जाने वाली बसें निर्धारित समय से पहले ही भर गईं। साधारण बसों में भी यात्रियों को सीट पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। बसों की कमी के चलते यात्रियों को साधारण बसों में भी खड़े होकर जाना पड़ा। देर रात तक यात्री बसों के लिए संघर्ष करते रहे तो कई परिवार निराश होकर लौट गए।

हेल्पलाइन फेल, मदद को नहीं मिले अफसर

कहने को तो त्योहार के चलते रोडवेज की हेल्पलाइन और हेल्पडेस्क यात्रियों की मदद के लिए बनाई गई थी, लेकिन देर शाम एआरएम के दफ्तर बंद कर दिया गया। हेल्पलाइन पर भी शिकायत करने के बाद प्रतापगढ़, रायबरेली, हमीरपुर और बांदा के लिए अतिरिक्त बसें उपलब्ध नहीं कराई गई। यात्री मदद के लिए इधर से उधर भटकते रहे लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:People did not find place in roadways buses