Hindi NewsUttar-pradesh NewsKanpur NewsOutbreak of Viral Malaria in Kanpur Concerns Over Unregulated Pathology Labs
यहां तो पैथॉलाजिस्ट व टेक्नीशियन के बिना ही होती खून की जांच

यहां तो पैथॉलाजिस्ट व टेक्नीशियन के बिना ही होती खून की जांच

संक्षेप:

Kanpur News - कानपुर देहात में वायरल मलेरिया और डेंगू के मामलों में तेजी आई है। स्वास्थ्य विभाग में 35 निजी पैथालॉजी पंजीकृत हैं, लेकिन अधिकांश में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी है। 14 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है और...

Thu, 9 Oct 2025 09:32 AMNewswrap हिन्दुस्तान, कानपुर
share Share
Follow Us on

कानपुर देहात, संवाददाता। जनपद में वायरल मलेरिया के प्रकोप के साथ ही निजी पैथालॉजी संचालकों की बल्ले बल्ले हो गई है। स्वास्थ्य विभाग में निजी क्षेत्र की 35 पैथालॉजी पंजीकृत हैं। इनमें अधिकांश का पैथालाजिस्ट तो दूर अप्रशिक्षित तकनीशियन व आधे अधूरे उपकरणों के सहारे ही संचालन हो रहा है। वहीं अनदेखी से करीब दो दर्जन से अधिक अपंजीकृत पैथालॉजी भी जांच के नाम पर कमाई करने में लगी हैं। जनपद में मौजूदा समय में वायरल टाईफाइड व डेंगू के लक्षण वाले बुखार का प्रकोप कहर बरपा रहा है। बीमारी की चपेट में आकर अब तक 14 मरीज दम तोड़ चुके हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

सरकारी अस्पतालों में कराई गई जांच में मलेरिया के 219 मरीज चिह्नित हो चुके हैं। जबकि निजी पैथालॉजी में इनकी संख्या दो गुनी बताई जा रही है। वहीं एलाइजा जांव में डेंगू के तेरह केस मिल चुके हैं।जबकि डेंगू के लक्षण वाले बुखार से पीड़ित मरीज प्रतिदिन अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। लेकिन जांच की खाना पूरी होने से मरीज भटकने व निजी पैथालॉजी में जांच कराने को मजबूर हो रहे हैं।जिले में करीब 35 प्राइवेट पैथालाजी पंजीकृत हैं।जबकि तमाम अपंजीकृत पैथालाजी भी संचालित हैं। पंजीकृत अधिकांश पैथालॉजी में भी पैथालॉजिस्ट व प्रशिक्षित कर्मियों का टोटा है। हालत यह है कि मानक पूरे हुए बिना ही जिले में अधिकांश पैथालॉजी संचालित हो रही हैं। इससे मरीजों को सही जांच नहीं मिल पा रही है। जबकि अपंजीकृत पैथालॉजी के संचालक निजी अस्पतालों के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में निजी पैथॉलाजी के एजेंटो का शिकंजा सरकारी अस्पतालों में निजी पैथॉलाजी के एजेंट शिकंजा जमाए रहते हैं। मरीज को जांच लिखे जाते ही दलाल सरकारी अस्पताल में सही जांच न होने की बात कहकर उनका पर्चा लेकर सीधे अपनी पैथालॉजी में पहुंचाते हैं। इसके बदले उनको कमीशन मिलता है। पैथालाजी में इनका होना चाहिए इंतजाम - सीबीसी मशीन, माइक्रोस्कोप , फ्रीजर आदि उपकरण - अग्निशमन उपकरणों के अलावा पानी बिजली की व्यवस्था - पैथालाजिस्ट, प्रशिक्षित लैब तकनीशियन व लैब सहायक - चिकित्सकीय कचरा निस्तारण की व्यवस्था - प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड का एनओसी