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28 फरवरी, 2021|8:33|IST

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उप्र: एनआईए ने 7 कश्मीरी छात्रों से पूछताछ की, VIDEO

बांदा के जामिया अरबिया मदरसा में गुरुवार को एनआईए की छापेमारी के दौरान परिसर में काफी गहमागहमी दिखी।

दिल्ली से पहुंची एनआईए की टीम ने गुरुवार को बांदा के गांव हथौरा के जामिया अरबिया मदरसा में छापा मारा। कश्मीर में तीन माह पहले पकड़े गए सदिग्ध के पास से मिली डायरी से मिले नाम और फोन नंबरों के आधार पर एनआईए टीम यहां पहुंची थी, हालांकि पड़ताल मे टीम को कुछ खास नहीं मिला। देर शाम टीम मुख्यालय वापस लौट गई। बांदा की पुलिस अधीक्षक शालिनी ने बताया कि एनआईए के एक डिप्टी एसपी व एक इंस्पेक्टर बांदा आए हैं और गोपनीय जांच की है।

एनआईए के डिप्टी एसपी संत कुमार व इंस्पेक्टर एसके चौधरी बांदा से पुलिस बल लेकर गुरुवार दोपहर जामिया अरबिया मदरसा पहुंचे। टीम के पास मदरसे के कुछ नाम और फोन नंबर थे, यह नाम उसे दिसंबर माह में कश्मीर में पकड़े गए तौफीफ नामक संदिग्ध युवक के पास से मिली डायरी से मिले थे। तौफीफ यहां पढ़ने के लिए आया था। उसकी डायरी में यहां के कुछ छात्रों के नाम दर्ज थे। एनआईए को उसके आतंकी नेटवर्क में शामिल होने का शक है। टीम ने मदरसे के दारूल तालीम छात्रावास पहुंचकर वहां रहने वाले कुछ छात्रों से जानकारी जुटाई। टीम ने छात्रावास कमरा नंबर 23 के कुछ छात्रों से पूछताछ भी की। यहां सात कश्मीरी छात्र भी पढ़ते हैं, उनसे भी कुछ जानकारी जुटाई। इसके बाद बारी-बारी से कई छात्रों और वार्डन से पूछताछ की। करीब सात घंटे तक टीम मदरसे के अंदर रही। टीम ने पुराने दस्तावेज भी खंगाले और कई दस्तावेज स्कैन कराकर साथ ले गई। मदरसे में आने-जाने वाले लोगों का भी रिकार्ड जांचा गया।

एनआईए टीम ने सीसीटीवी कैमरों के बारे में भी पूछताछ, इसके अलावा मौलवियों से पढ़ाई का तरीका पूंछा। बताया गया कि टीम बुधवार रात को भी यहां पहुंची थी और कुछ देर रुकने के बाद वापस मुख्यालय बांदा आ गई थी। दूसरे दिन छात्रों के विरोध की आशंका पर भारी पुलिस बल के साथ टीम पहुंची। जब तक टीम वहां रही किसी को भी अंदर बाहर नहीं जाने दिया गया। मदरसा के व्यवस्थापक मंडल के सदस्य मौलाना नजीब ने बताया कि एक युवक के बारे में टीम पड़ताल करने आई थी। पुराने रिकार्ड भी देखे हैं। उन्होंने कहा कि टीम को ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे कुछ गलत साबित हो। उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ जब देश की बड़ी जांच एजेंसी यहां पड़ताल करने आई है।

देश के प्रतिष्ठत संस्थानों में हथौरा का अरबिया मदरसा
बांदा के गांव हथौरा का जामिया अरबिया मदरसा देश के प्रतिष्ठत मदरसों में एक है। इसकी स्थापना 1933 में हुई। इसकी पूरे देश में साख है। शिक्षा के क्षेत्र में इसकी अलग पहचान है। मौजूद समय यहां करीब तीन हजार छात्र देश विदेश के पढ़ते है। इसने शिक्षा के उच्च मानदंड स्थापित किए है।

पहले भी आ चुकी एनआईए
सूत्रों के मुताबिक पिछले कई महीनों से एनआईए की टीम यहां आकर गोपनीय जांच कर चली जाती रही। बुधवार शाम भी टीम बेहद गोपनीय तरीके से आई। वह काश्मीर में पकड़े गए तौफीफ के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी करने में जुटी रही। इस बार मीडिया को भनक लग गई तो पड़ताल के बाद वापस लौटने की बात कह फिर टीम चली गई।

पूरे दिन होती रही चर्चाएं
हथौरा के मदरसे में छापे की सूचना से गांव हथौरा में ग्रामीण सहम गए। क्या हुआ की जानकारी के लिए हर कोई उत्सुक रहा। इस दौरान कई तरह के कयास लगते रहे। मदरसे के आसपास किसी बाहरी को नहीं जाने दिया गया। मदरसे के छात्रों में भी कौतूहल बना रहा। गांव में चप्पे- च्प्पे पर पुलिस का पहरा रहा।