
अपार आईडी की रफ्तार धीमी, 40 फीसदी ही बन पाए
Kanpur News - कानपुर में छात्रों के लिए ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री (अपार) अनिवार्य कर दी गई है। अब तक 7,64,225 बच्चों में से केवल 3,05,690 की अपार आईडी बनी है। कई बच्चों की आईडी दूसरे स्कूलों में जनरेट हो चुकी है, जिससे स्कूलों ने शिकायत की है। 60 फीसदी छात्रों की आईडी अभी बननी बाकी है।
कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। छात्रों के लिए ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री (अपार) को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले छात्र का परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन) जनरेट करना होता है। शहर में अब तक 7,64,225 बच्चों में से केवल 3,05,690 की ही अपार आईडी बन पाई है। आरटीई में कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले कई बच्चों की आईडी पहले ही किसी दूसरे स्कूल में जनरेट हो चुकी है। इसकी शिकायत स्कूलों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से की है। अब तक केवल 40 फीसदी छात्रों की ही अपार आईडी बन सकी है। 60 फीसदी की बनना शेष है। परिषदीय स्कूलों की स्थिति तो ठीक है, लेकिन पब्लिक स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है।
अभी भी 4,58,535 छात्रों की अपार आईडी जनरेट होना शेष है। अभिभावक की अनुमति न मिलने से भी बाधा आ रही है। कानपुर स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के समन्वयक प्रतीक श्रीवास्तव का कहना है कि पहले तो पेन जनरेट होने में दिक्कतें हैं। फिर अपार जनरेट करने में मुश्किलें आ रही हैं। आरटीई में प्रवेश लेने वाले बच्चों में पूर्व से ही किसी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के मामले में ज्यादा परेशानी है। कई छात्र ऐसे निकले हैं जो दूसरे विद्यालय में कक्षा दो अथवा तीन में अध्ययनरत थे। उन्होंने आरटीई प्रवेश कक्षा एक में प्रवेश ले लिया। पहले से पंजीकृत पेन के कारण अपार को लेकर दिक्कत है। ऐसे डुअल प्रवेश वाले प्रकरण अनेक हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह का कहना है कि परिषदीय में अपार आईडी का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सभी स्कूलों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बाकी में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

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