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30 अक्तूबर, 2020|12:50|IST

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मशरूम उत्पादन कर कम लागत में अधिक मुनाफा कमाएं

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कृषि विज्ञान केंद्र जालौन द्वारा प्रधान मंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना अभियान के अंतगर्त मशरुम उत्पादन विषय पर 35 प्रवासी मजदूरों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कांशीराम कालोनी में आयोजित किया गया। उन्होंने प्रवासी मजदूरों को मशरुम का व्यवसाय अपनाकर तीन गुना लाभ कम लागत में उठाने की अपील की।

कार्यक्रम में केंद्र के अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार सिंह ने प्रवासियों को तमाम लाभपरक जानकारियां दीं। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ रजनीश चन्द्र मिश्र ने कहा कि मशरूम एक शाकाहारी पौष्टिक भोज्य है जिसको खाने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। मशरुम में कुछ विशेष पोषक तत्व होते हैं जो कैंसर, मधुमेह, मोटापा, दृष्टि दोष, ह्रदय रोग, उच्च रक्त चाप आदि प्राणघातक बीमारियों बचाते है। इसकी पौष्टिकता को देखते हुए आने वाले समय में इसकी मांग निरंतर बढ़ने की संभावना है। इसमें प्रवासी एक एकड़ में 18 से लगभग 50 हजार रूपये प्रति महीना कमाया जा सकता है। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ अनुज कुमार गौतम ने पशुपालकों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मशरूम खेती गृह वैज्ञानिक डॉ राजकुमारी ने मशरुम से बनने वाले पकवान एव मूल्य सवर्धन के बारे में विस्तृत रूप से बताया। उद्यान वैज्ञानिक डॉ अमित कनौजिया ने घर क ी छतों पर, गमलों में सब्जी उगाने की तकनीकी और पपीता केला, फूलगोभी, प्याज आदि की खेती के बारे में चर्चा की। समापन समारोह में प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र वितरित किया। इस अवसर पर मुन्नेस, कल्लू, सुनीता, रश्मि, देवेन्द्र आदि लोग उपस्थित थे।

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  • Web Title:Make more profits by producing mushrooms at lower cost