प्रदेश की 50 फीसदी गर्भवती एनीमिया पीड़ित
कानपुर में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनकोलॉजी सोसाइटी द्वारा ‘आयरन की कमी से एनीमिया एवं प्रीटर्म लेबर के प्रबंधन हेतु नवीनतम गाइडलाइन्स’ पर सीएमई आयोजित किया गया। डॉ. पीके शाह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जबकि डॉ. मीरा अग्निहोत्री ने प्री-एक्लेम्पसिया पर चर्चा की।

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनकोलॉजी सोसाइटी (केओजीएस) की ओर से होटल रॉयल क्लिफ में ‘आयरन की कमी से एनीमिया एवं प्रीटर्म लेबर के प्रबंधन हेतु नवीनतम गाइडलाइन्स’ विषय पर सीएमई आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष डॉ. कल्पना दीक्षित, सचिव डॉ. रेशमा निगम, डॉ. पीके शाह ने किया। प्रथम वैज्ञानिक सत्र में डॉ.पीके शाह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जिससे मातृ मृत्यु और कम वजन वाले शिशुओं के जन्म का खतरा बढ़ता है। उन्होंने ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान के तहत समय पर जांच व उपचार पर जोर दिया।
दूसरे सत्र में डॉ. मीरा अग्निहोत्री ने प्री-एक्लेम्पसिया और एक्लेम्पसिया पर चर्चा की। डॉ. मीरा ने बताया कि भारत में 35 प्रतिशत नवजात की मौत समय से पहले प्रसव के कारण होती हैं। उन्होंने प्रोजेस्टेरोन, टोकोलिटिक्स, एंटीनेटल कॉर्टिकोस्टेरॉयड्स व न्यूरोप्रोटेक्शन के लिए मैग्नीशियम सल्फेट के उपयोग पर जोर दिया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


