
योजना तो बनी पर दस साल में भी केडीए नहीं दे सका आवासीय भूखंड
Kanpur News - कानपुर देहात में केडीए ने 2015 में बनारअलीपुर में आवासीय योजना बनाई थी, लेकिन अब तक भूखंड नहीं दिए। 2019 में टोकन मनी जमा करने के बावजूद, 6 साल बीत जाने पर भी लोगों को भूखंड नहीं मिल सके हैं। आवेदक अब धन वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
कानपुर देहात, संवाददाता। माती मुख्यालय व आसपास के करीब 120 से अधिक गांवों को शहर के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी संभाले केडीए अभी तक मुख्यालय की ही वीरानी दूर नहीं कर सका। आवासीय क्षेत्र विकसित करने के लिए 2015 में बनारअलीपुर के पास बनाई गई आवासीय योजना में टोकन मनी जमा कराने के बाद भी केडीए अभी तक लोगों को भूखंड नहीं दे सका है। बनारअलीपुर में केडीए ने वर्ष 2015 में आवासीय योजना तैयार करने के बाद ले आउट प्लान तैयार कराया था। इसमें यहां हाई-वे किनारे की सरकारी जमीन के पुर्नग्रहण के साथ 4 हेक्टेयर से अधिक किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था।
वर्ष 2019 में 15 जनवरी से 30 जनवरी तक यहां पर चार श्रेणियों ए, बी, सी और डी के भूखंड की योजना पर टोकन धनराशि जमा कराई गई थी। शुरुआत में यहां पर 419 भूखंडों की लाचिंग की योजना बनाई गई थी,लेकिन डिमांड सर्वे में ही योजना पर बड़ी संख्या में लोगों के टोकन मनी जमा करने पर केडीए ने यहां 2 हजार से ज्यादा भूखंड निकालने का एलान किया था। योजना तैयार होने के दस साल और लोगों से टोकन मनी जमा कराए जाने के करीब 6 साल बीतने के बाद भी लोगों को भूखंड नहीं मिल सके। इससे टोकन मनी जमा करने वाले आवेेदकों को अभी तक भूखंड मिलनेव धन वापसी का इंतजार है

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