तीन साल से कूड़े का निस्तारण ठप, 15 लाख टन कूड़े का पहाड़ खड़ा

हिन्दुस्तान, कानपुर
Follow us on Google News
share

कानपुर में नगर निगम ने स्वच्छता के नाम पर पनकी में 15 लाख टन कूड़े का पर्वत बना दिया है। रोजाना 1500 टन कचरा जमा हो रहा है और कूड़े में आग लगने से विषैली गैसें निकल रही हैं। नगर निगम को चार बार नोटिस भेजा गया है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

तीन साल से कूड़े का निस्तारण ठप, 15 लाख टन कूड़े का पहाड़ खड़ा

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। शहर को स्वच्छ बनाने के नाम पर नगर निगम ने पनकी में 15 लाख टन कूड़े का पहाड़ खड़ा कर दिया है। इसके अलावा जनवरी से रोजाना 1500 टन कचरे का ढेर अलग से जमा हो रहा है। कूड़े के पहाड़ में आग लगी है, जो जल रहा है। कूड़ा जलने से तमाम विषैली गैसें निकल रहीं हैं, जो शहर की आब-ओ-हवा को दूषित कर रही है। कूड़े के पहाड़ से फैल रहे प्रदूषण को लेकर उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चार मर्तबा नगर निगम को नोटिस भेज चुका है, लेकिन नगर निगम ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। कानपुर नगर में रोजाना 1500 टन कूड़ा निकलता है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत वर्ष 2004 में नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण प्लांट पनकी में बनाया था। मशीनों की देखरेख न होने से ये खराब हो गईं। यही वजह है कि तीन साल से अधिक समय से कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा है。

जनवरी में 15 लाख टन का था आंकड़ा

बताते हैं कि नगर निगम ने जनवरी में जमा कूड़े का आकलन किया था। तब 15 लाख टन कूड़े का ढेर निकला था। इसी आधार पर कूड़ा निस्तारण के लिए नगर निगम ने टेंडर निकाला था। मई में टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो पाई है। अब कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने का काम शुरू हुआ है। प्लांट में नई मशीनों के लगने और ट्रायल का काम पूरा होने के बाद तीन साल का समय कूड़े के पहाड़ को खत्म करने में लगेगा। यह तब संभव होगा, जब प्लांट अपनी पूर्ण क्षमता से चलेगा।

पौने तीन साल तक चुप्पी साधे रहे अफसर

कूड़ा निस्तारण प्लांट ठप हो चुका था। हर रोज 1500 टन कचरा जमा होने से कूड़े का पहाड़ खड़ा हो रहा था। इस साल जनवरी तक के आंकड़ों की मानें तो 15 लाख टन कचरा जमा हो चुका था। यह ढेर करीब पौने तीन साल में जमा हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि प्लांट बंद होने के बावजूद अफसर चुप्पी साधे रहे।

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम से जुर्माना का प्रावधान

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि शहर के कूड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी नगर निगम की है। कूड़े के ढेर में मिथेन गैस बन रही है। गर्मी में इसकी वजह से कूड़े में आग लग रही है। कूड़े के पहाड़ से उठ रहे धुएं से पनकी क्षेत्र में धुंध छाया है। यह शहर की हवा को भी दूषित कर रहा है। ऐसे में, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम से नगर निगम पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

नगर निगम की लापरवाही के चलते 15 लाख टन कचरा जमा है। चार बार नगर निगम को नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन विभाग संज्ञान नहीं ले रहा है। ऐसे में जुर्माना लगाने की कार्रवाई करनी पड़ेगी। अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कानपुर में कूड़े का पहाड़ कब खड़ा हुआ?
कानपुर में कूड़े का पहाड़ लगभग पौने तीन साल में जमा हुआ था।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।