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कानपुरः चित्रों से दिया बाघों के संरक्षण का संदेश

चित्रकारी करते बच्चे

नवाबगंज स्थित चिड़ियाघर में रविवार को अन्तरराष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर बाघ संरक्षण को लेकर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें ‘वन एवं जीव संरक्षण’ थीम पर  4 से 17 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों ने अपनी प्रतिभा चित्रों के माध्यम से दिखाई। इसके साथ ही पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए पॉलीथीन के दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी गई। 
चिड़ियाघर के डॉयरेक्टर कृष्ण कुमार सिंह ने बच्चों को जानकारी दी कि विश्व में धीरे-धीरे बाघों की संख्या कम होती जा रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन पृथ्वी से ये प्रजाति लुप्त हो जाएगी। इसी को बचाने के लिए अन्तरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। वन एवं जीव संरक्षण को बचाने के विभिन्न संदेश प्रकार के संदेश दिए। इसमें 4 से 8 वर्ष वर्ग में स्वराज इंडिया पब्लिक स्कूल के अरूष श्रीवास्तव प्रथम रहीं। 8 से 16 वर्ष वर्ग में प्रभात पब्लिक स्कूल की दिव्यांशी सोनी प्रथम रहीं। 17 से अधिक वर्ष वर्ग में सीएसजेएम विश्वविद्यालय की शिप्रा सचान ने बाजी मारी। 
पॉलीथीन जागरूकता पर किया काम
ईको क्लब पीएसआईटी के अध्यापक एवं छात्रों ने वन्य जीवों एवं पर्यावरण को पॉलीथीन-प्लास्टिक के प्रयोग से हो रहे दुष्प्रभावों की जानकारी मौजूद बच्चों को भी दी। बच्चों व चिड़ियाघर घुमने आए लोगों को बाघों के संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई। इस मौके पर पशुचिकित्साधिकारी डॉ. यूसी श्रीवास्तव, विश्वजीत सिंह, आईपी यादव, मनीष तिवारी, डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव, सुरेन्द्रर कौर आदि रहे। 

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  • Web Title:Kanpur Message of protection of tigers from pictures