
मकसूदाबाद में घर लेने वालों पर छत छिनने का खतरा
Kanpur News - कानपुर के मकसूदाबाद में सरकारी जमीन पर कब्जा लेने की तैयारी की जा रही है। 110 बीघा जमीन पर बोर्ड लगाकर लोगों को बेघर किया जा सकता है। बिल्डरों ने सस्ती कीमत पर यह जमीन बेचकर लोगों को ठगा है। प्रशासन ने कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है, जो फर्जी तरीके से जमीन बेचने में शामिल थे।
कानपुर, प्रमुख संवाददाता। मकसूदाबाद में पाई-पाई जोड़कर घर लेने वालों पर अब छत छिनने का खतरा मंडराने लगा है। जमीन सरकार के खाते में दर्ज होने के बाद प्रशासन अब जल्द ही उस पर कब्जा लेगा। 110 बीघा जमीन पर सरकारी बोर्ड लगाया जाएगा। जमीन केडीए भी अधिग्रहीत कर सकता है। अभी तक आधी जगह पर निर्माण और आधी खाली पड़ी है। खाली जगहों पर बोर्ड लगवाकर कब्जे वाली जगह को खाली करवाया जाएगा। मकसूदाबाद की 110 बीघा जमीन एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने सरकार के नाम पर दर्ज कर ली है। अब मकसूदाबाद में 110 बीघा जमीन में आवास बनाने का ख्वाब देख रहे लोगों को बड़ा झटका लगा है।
कई बिल्डरों ने प्लाटिंग करके जमीन को बेचा दिया है। कई ने फ्लैट बनाकर कई-कई लोगों को बेचा है। ऐसे में शहर के भोले भाले लोग मकसूदाबाद में जमीन लेकर फंस गए हैं। बिल्डरों ने सस्ते दामों पर सरकारी जमीन बेचकर लोगों को ठग लिया है। तहसील में सेटिंग-गेटिंग करके फर्जी तरीके से नाम भी चढ़वा लिया था। बिल्डर खुलेआम सरकारी जमीन को बेचकर निकल गए जबकि वहां पर जगह लेने वाले फंस गए हैं। अब उनकी जमीन खतरे में है। कभी भी प्रशासनिक और केडीए की टीम जमीन पर कब्जा ले सकती है। प्रशासन की लापरवाही का बिल्डर ने उठाया फायदा : फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद तत्कालीन लेखपाल कुलदीप गुप्ता ने बिठूर थाने में 14 नामजद और कई अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें वीएसीएल इंडिया रियल स्टेट लिमिटेड के डायरेक्टर पनकी स्वराज नगर निवासी ब्रजेंद्र सिंह चौहान, टिकरा निवासी विमलेश कुमार, आदित्य नारायण, प्रताप नारायण, उमाकांत, कृष्णकांत, अरुणकांत, रमाकांत, जुनैत सिंह, रामसागर, रामसुंदर, रामशंकर, राकेश, रमेत समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन सभी ने प्लाटिंग करके जमीन को बेचा था। ब्रजेंद्र सिंह व विमलेश पहले भी विवादों में रहे भूमाफिया ब्रजेंद्र सिंह चौहान और बिल्डर विमलेश कुमार पहले भी विवादों में रहे हैं। नौबस्ता में भी ब्रजेंद्र सिंह चौहान जमीन को फर्जी तरीके से बेच चुका है। जमीन बेचने के बाद कब्जा सरकारी जमीन में दे दिया था। इस मामले में प्रशासन ने ब्रजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कई लेखपालों को निलंबित किया था। इसी तरह से बिठूर, कल्याणपुर, पनकी, नौबस्ता और बर्रा समेत कई इलाकों में वीएसीएल इंडिया रियल स्टेट लिमिटेड के डायरेक्टर ब्रजेंद्र सिंह चौहान ने फर्जीवाड़ा किया था।

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