Kanpur News: नहरों में उफान रोकने को नवंबर से बनेंगी 12 नई पुलिया
Kanpur News: सिंचाई विभाग ने हलवाखांडा रजबहा में उफान की समस्या को समाप्त करने के लिए 12 नई पुलियों के निर्माण का निर्णय लिया है। बजट स्वीकृत होते ही नवंबर में कार्य शुरू होगा। रजबहे के उफनाने की मुख्य वजह जर्जर पुलिया और कचरे का फंसना है। यह संकट आसपास के निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।

Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। सिंचाई विभाग ने शहर में बह रहे हलवाखांडा रजबहा (नहर) में उफान की समस्या पर विराम लगाने की तैयारी कर ली है। रजबहा का शहर में 15 किमी प्रवाह क्षेत्र है। हर साल जब भी रजबहा में पानी छोड़ा जाता है, तो सीटीआई नहर और सचान नहर के पास रजबहा उफान भरने लगता है। लिहाजा, सिंचाई विभाग ने शहर क्षेत्र में रजबहे पर नई पुलिया बनाने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव शासन के पास है। 12.86 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत होते ही नवंबर से पुलियों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। निचली गंगा नहर से हलवाखांडा रजबहा निकला है। इसकी शुरुआत मंधना स्थित छतमरा क्षेत्र से हुई है, जो 37 किमी का सफर तय करते हुए नौबस्ता के आगे पांडु नदी में मिल जाता है। करीब 150 साल पुराने हलवाखांडा रजबहा का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। रजबहे पर बनी पुलिया अंग्रेजों के जमाने की है। पुलिया जर्जर हो गई है या फिर इनका स्तर काफी नीचे होने से समस्या का सबब बन रही है। यही वजह है कि रजबहे में जब भी पानी छोड़ा जाता है, तो नहर उफनाने लगती है। आसपास क्षेत्र के घरों में जलभराव से काफी नुकसान होता है。
12 पुलिया को किया जाना है नव निर्माण
रजबहे के उफनाने की बड़ी वजह नीची और जर्जर पुलिया है। क्योंकि रजबहे के पानी के साथ कचरा या जलकुंभी आती है, तो पुलिया में फंस जाती है। फिर, रजबहा के ऊपर से पानी बहने लगता है। इस समस्या के निदान के लिए सिंचाई विभाग ने 12 पुलियों का नवनिर्माण करने का फैसला लिया है। इस क्रम में नई पुलियों के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। बजट जल्द ही स्वीकृत होने की संभावना सिंचाई विभाग के अधिकारी जता रहे हैं। पुलिया बनने से जलभराव की समस्या से सीटीआई और सचान नहर के आसपास वाले इलाके के रहवासियों को राहत मिलेगी। साथ ही, टेल तक किसानों को भरपूर पानी मिल सकेगा।
अक्तूबर तक चलेगा रजबहा
12 जुलाई को सिंचाई विभाग ने हलवाखांडा रजबहा में पानी छोड़ा है। अब चार माह तक रजबहे में सिंचाई विभाग पानी छोड़ेगा। लिहाजा, पुलियों के निर्माण का काम भी अक्तूबर के बाद ही होगा। अधिकारियों की मानें तो बजट मिलने के बाद नवंबर से पुलियों के निर्माण का काम शुरू हो सकेगा।
कोट-
हलवाखांडा रजबहा में पानी छोड़ने के बाद सीटीआई नहर और सचान नहर क्षेत्र में जलभराव के हालात बन जाते हैं। इसकी वजह अतिक्रमण और पुलियों का नीचे होना है। शहर क्षेत्र में 12 पुलियों के निर्माण के लिए शासन से बजट मांगा गया है। बजट मिलने के बाद नवंबर से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। अगले साल रजबहे के उफनाने की समस्या दूर हो जाएगी।
-एमके सिंह, एक्सईएन सिंचाई विभाग
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