
तीन दिन डिजिटल अरेस्ट में रहा दंपति, बैंक बंद होने से बची बड़ी ठगी
Kanpur News - कानपुर में डिजिटल अरेस्ट हुए बुजुर्ग दंपत्ति बैंक की छुट्टी और बेटी की सूझबूझ से ठगी से बच गए। ठगों ने पुलिस बनकर उन्हें तीन दिन बंधक रखा, लेकिन बैंक बंद होने और बेटी के समय पर पहुंचने से उनकी जमापूंजी सुरक्षित रही।
कानपुर के माल रोड निवासी 76 वर्षीय किराना कारोबारी सुरेंद्र कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी बैंक की दो दिनों की छुट्टी और अपनी बेटी की सूझबूझ के चलते एक बड़ी ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। गुरुवार रात से शुरू हुए इस घटनाक्रम में ठगों ने खुद को पुणे पुलिस का अधिकारी बताकर कारोबारी को डराया कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग पाकिस्तान पैसे भेजने के लिए किया जा रहा है।

आयकर जांच का डर दिखाकर आरोपियों ने बुजुर्ग दंपत्ति को तीन दिनों तक उनके ही घर में 'डिजिटल अरेस्ट' रखा और उनके बैंक खातों, शेयर व पीएफ की तमाम गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं। शनिवार और रविवार को बैंक बंद होने के कारण ठग पैसों का ट्रांजैक्शन नहीं कर सके, इसी बीच उनकी शिक्षिका बेटी मिली गुप्ता को संदेह हुआ।
जब मां ने मैसेज कर उन्हें घर न आने और जांचकर्ताओं के 'अच्छे' होने की बात कही, तो बेटी तुरंत माता-पिता के घर पहुंची और वहां का मंजर देखकर तुरंत फोन बंद कर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। सोमवार को कारोबारी ने अपने सभी खातों के पिन बदलकर अपनी जमा पूंजी सुरक्षित की।

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