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कानपुर देहात में अग्निसुरक्षा की अनेदख्री कर आतिशबाजी का भंडारण

कानपुर देहात में अग्निसुरक्षा की अनेदख्री कर आतिशबाजी का भंडारण

संक्षेप:

Kanpur News - कानपुर देहात में दीपावली के लिए आतिशबाजी विक्रेताओं ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन कई विक्रेता बिना लाइसेंस के असुरक्षित तरीके से आतिशबाजी का भंडारण कर रहे हैं। अग्निशमन विभाग ने 96 विक्रेताओं को...

Oct 24, 2024 08:00 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कानपुर
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कानपुर देहात। दीपावली को अब एक हफ्ते का समय बचा है, आतिशबाजी के सीजनल विक्रेताओं ने अपने स्टाल सजाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी तहसीलों से सीजनल विक्रेताओं को लाइसेंस जारी नहीं हुए हैं, 96 विक्रेताओं ने लाइसेंस के लिए फायर एनओसी हासिल कर ली है। जबकि थोक दुकानों से बड़ी संख्या में आतिशबाजी खरीदकर असुरक्षित भंडारण करने में लगे हैं। दीपावली में सतरंगी रोशनी के बीच आतिश बाजी का अलग ही क्रेज रहता है। जनपद में आतिशबाजी बनाने व बिक्री के लिए 26 स्थाई लाइसेंस धारक हैं। इनमें16 छोटे व दस बड़े लाइसेंसी शामिल हैं। जबकि दीपावली के मौके पर सीजनल लाइसेंस लेकर विक्रेता चिळ्नित खुल मैदानों में आतिशबाजी की बिक्री करते हैं। पिछले साल 133 सीजनल विक्रेताओं को अग्निशमान विभाग की ओर से फायर एनओसी जारी होने के बाद उनके सीजनल लाइसेंस जारी हुए थे। इनमें अकले अकबरपुर के 45 लाइसेंसी शामिल थे, जबकि इस साल अभी तक 96 विक्रेताओं के आवेदन पर अग्निशमन विभाग की ओर से एनओसी जारी की गई है। इनमें रसूलाबाद के 6, अकबरपुर के 9, मैथा के 14, सिकंदरा के 16 व डेरापुर के 31 विक्रेता शामिल हैं। वहीं बडी संख्या में विक्रेताओं ने लाइसेंस बनवाने के लिए फायर एनओसी के लिए आवेदन कर रखे हैं। लेकिन लाइसेंस मिलने की प्रत्याशा में आतिशबाजी विक्रेताओं ने थोक विक्रेताओं से आतिशबाजी खरीदकर गुपचुप ढंग से आबादी क्षेत्र में असुरक्षित ढंग से भंडारण कर लिया है।

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आबादी क्षेत्र में धड़ल्ले से बिक रही आतिशबाजी

दीवाली में सीजनल विक्रेताओं को नगरीय क्षेत्र में खुले मैदानों को चिह्नित कर सुरक्षामानक पूरे कराकर आतिशबाजी की बिक्री के स्टाल लगवाए जाते हैं। लेकिन मौजूदा समय में आबादी के बीच जमा अतिशबाजी की धउ़ल्ले से बिक्री हो रही है।इनमें सुतली बम व तेज आवाज पटाखों की खुलेआम बिक्री हो रही है। युवाओं के बीच रायल स्लूट,रंगतारा जानेमन व अनार तथा छोटे बच्चों के लिए अनार, चर्खियां, फुलझड़ी, महताब व सीको पटाखे आदि आकर्षण का केंद्र बने हैं।

सात बड़ी व एक छोटी दमकल के सहारे अग्निसुरक्षा

जिले में जहां अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर आतिशबाजी का भंडारण व बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आग की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए पांच तहसील मुख्यालयों पर एक- एक व माती में दो बडी व एक छोटी दमकल को अग्निसुरक्षा के लिए मुस्तैद किया गया है। एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के अनुसार सभी थानाध्यक्षों को अग्निसुरक्षा मानक पूरे कराने के साथ खुले में चिन्हित स्थलों पर ही आतिशबाजी के स्टाल लगाने देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आबादी क्षेत्रों में आतिशबाजी के भंडारण का पता कर कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया गया है। मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जांच कराने के बाद कार्रवाई होगी।