
कानपुर देहात में किशोरी को ले जाने में तीन साल का सश्रम कारावास
Kanpur News - कानपुर देहात में 2012 में किशोरी के अपहरण के मामले में देवर और भाभी को तीन साल की सजा सुनाई गई। किशोरी 16 अप्रैल 2012 को लापता हुई थी। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने किशोरी को बरामद...
कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली में वर्ष 2012 में एक किशोरी को बहलाकर ले जाने के मामले में दर्ज मुकदमें में सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने देवर-भाभी को दोष सिद्ध होने पर तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 3-3 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया। रनियां क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी 16 अप्रैल 2012 को अचानक लापता हो गई थी। मामले में उसके पिता ने पड़ोसी शिव बहादुर उसकी पत्नी सोनी देवी व भाई बम बहादुर के खिलाफ 18 अप्रैल 2012 को रनियां रिपोर्टिंग चौकी में तहरीर दी थी।

लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। इस पर किशोरी के पिता ने अफसरों को शिकायती पत्र देकर आरोपितों को पकड़कर चौकी से छोड़ने का आरोप लगा कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसपर अकबरपुर कोतवाली में 21 अप्रैल 2012 को तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने किशेारी को बरामद कर लिया था। इसके साथ ही तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था। मौजूदा समय में इस मुकदमें की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में हो रही थी। एडीजीसी अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सुनवाई के दौरान आरोपित शिवबहादुर की मौत होने के कारण उसकी पत्रावली प्रथक कर बम बहादुर व उसकी भाभी सीमा के मामले में सुनवाई हो रही थी। अदालत ने आरोपित देवर भाभी के दोषी सिद्ध होने पर उनको तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर तीन-तीन रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना की पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने व जुर्माना अदा नहीं नहीं करने पर दोनों को तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास का भी आदेश किया गया है।

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