
आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन कारावास
Kanpur News - कानपुर देहात में एक विशेष जज ने 16 महीने पहले 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ने बच्ची को रुपये देने का झांसा देकर अपने घर ले जाकर दुष्कर्म किया। कोर्ट ने 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जो पीड़िता को मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए दिया जाएगा।
कानपुर देहात,संवाददाता। अरौल कानपुर नगर के एक गांव की आठ साल की बच्ची को करीब सोलह माह पूर्व रुपये देने का झांसा देकर घर ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या- 13 ने आरोपित को दोषी सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपये जुर्माना भी किया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में माती जेल भेज दिया गया। विशेष लोक अभियोजक विकास सिंह ने बताया कि कानपुर नगर के अरौल थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली आठ साल की बच्ची अपने परिजनों के साथ 12 अक्टूबर 2024 की रात में गांव में रामलीला देखने गई थी।
मध्यरात्रि में नींद आने पर बच्ची को उसकी मां ने घर भेज दिया था, लेकिन गांव के ही राज कुमार उर्फ पुतई पुत्र शिवकुमार रास्ते में बच्ची को रोककर रुपये देने का झांसा देकर अपने साथ घर ले गया। वहां आरोपित ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। रामलीला देखकर लौटे परिजनों को बच्ची घर में नहीं मिली। इस पर परिजनों ने उसकी तलाश की। तो बच्ची लहूलुहान हालत में रास्ते में आती मिली। उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद बच्ची की मां ने आरौल थाने में तहरीर देकर 13 अक्टूबर 2024 को दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करने के साथ ही विवेचना के बाद 30 नवंबर 2024 को उसके खिलाफ आरेाप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था। इस मुकदमें की सुनवाई मौजूदा समय में स्पेश्ल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या- 13 में चल रही थी। उन्होने बताया कि मामले में वादी,पीड़िता व गवाहों के बयानों, पुलिस विवेचना के अनुशीलन करने के साथ ही अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपित राज कुमार उर्फ पुतई को दोषी सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसपर एक लाख रूपये जुर्माना भी किया।उन्होने बताया कि जुर्माना की पूरी धनराशि पीड़ित बच्ची को मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के रूप में अदा किए जाने व जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को माह के अतिरिक्त कारावास का भी आदेश किया है।

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