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ज्योति के पिता शंकरलाल नागदेव ने आईजीआरएस डीजी जेल को भेजा शिकायती पत्र

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। शहर के चार्चित ज्योति हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है।...

ज्योति के पिता शंकरलाल नागदेव ने आईजीआरएस डीजी जेल को भेजा शिकायती पत्र
हिन्दुस्तान टीम,कानपुरThu, 22 Feb 2024 12:30 PM
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कानपुर, प्रमुख संवाददाता। शहर के चार्चित ज्योति हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। ज्योति के पिता शंकर नागदेव ने मुख्य आरोपित पीयूष श्यामदासानी पर आरोप लगाया है कि आजीवन सजा पाने के बाद भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर वह कानपुर जेल से ट्रांसफर नहीं हो रहा है। जबकि उसे किसी सेंट्रल जेल में शिफ्ट किए जाने का प्रावधान है। इसे मुद्दा बनाते हुए पिता ने आईजीआरएस में डीजी जेल से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद इस मामले में जांच शुरू करा दी गई है। जिसे फोन द्वारा शंकरलाल नागदेव को सूचित किया गया है।

नेपियर टाउन जबलपुर निवासी शंकरलाल नागदेव की बेटी ज्योति की हत्या 27 जुलाई 2014 को हो गई थी। इस मामले में 20 अक्तूबर 2022 को उसके पति पीयूष श्यामदासानी, उसकी प्रेमिका मनीषा मखीजा समेत छह आरोपितों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उसके बाद से पीयूष एक साल तीन माह से कानपुर जेल में बंद है। ज्योति के पिता शंकरलाल नागदेव ने आरोप लगाया है कि पीयूष अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जेल में इतने दिनों से टिका है। जबकि वह सजायाफ्ता है और सजा पाने वाले अपराधियों को सेन्ट्रल जेल शिफ्ट किया जाता है। शंकर नागदेव ने पत्र में पीयूष को आगरा, नैनी, फतेहगढ़ या अन्य किसी जेल में ट्रांसफर करने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट का रुख देख विड्रा की जमानत याचिका

कानपुर। मुख्य आरोपित पीयूष श्यामदासानी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट मे जमानत याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। पीयूष की तरफ से बहस करने के लिए सीनियर एडवोकेट विकास सिंह, एडवोकेट राहुल कौशिक, एओआर भुवेनश्वरी पाठक, एडवोकेट वरुण भसीन, एडवोकेट दीपिका कालिया, एडवोकेट केशव खंडेलवाल, एडवोकेट वसुधा सिंह और एडवोकेट प्रिया सत्यप्रिया सत्यम के पैनल ने बहस की। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य की तरफ से एओआर आशुतोष घड़े, सीनियर एडवोकेट गौरव अग्रवाल, एडवोकेट स्नेहा बालापूरे, एडवोकेट निमित भीमजियानी, एडवोकेट सोनल कुशवाहा और एओआर यशार्थ कांत ने पक्ष रखा। एओआर आशुतोष घड़े ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान पीयूष के वकीलों ने जमानत याचिका विड्रा कर ली। जिसके बाद कोर्ट ने याचिका डिसमिस कर दी है।

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