
हाईकोर्ट के आदेश पर जीएसवीएम के बाल रोग अस्पताल की जांच करने पहुंची टीम
संक्षेप: Kanpur News - बाल रोग अस्पताल में एक नर्स ने कई खामियों और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने मरीजों, डॉक्टरों और स्टाफ से बातचीत की और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जांच की। नर्स का पिछले 6 माह में तबादला कर दिया गया था।
बाल रोग अस्पताल में तमाम खामियां व नियमों के उल्लंघन का नर्स ने लगाया था आरोप पीआईएल दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण 03 घंटे से भी अधिक समय तक अस्पताल में रही टीम 06 माह पूर्व आरोप लगाने वाली नर्स का बांदा हुआ तबादला कानपुर, प्रमुख संवाददाता। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की नर्स की शिकायत पर सोमवार को तीन सदस्यीय टीम ने बाल रोग अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। गड़बड़ियों के आरोपों की हकीकत का पता लगाने आई टीम ने लगभग तीन घंटे से भी अधिक समय तक बिंदुवार जांच की। डॉक्टर, नर्स, मरीज-तीमारदारों से बातचीत भी की।

अस्पताल परिसर में हड़कंप रहा। अस्पताल के बाल रोग विभाग में कार्यरत रही नर्स ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल कर अस्पताल में कई तरह की गड़बड़ियों का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए तीन सदस्यीय टीम का गठन करके अस्पताल का निरीक्षण करने को कहा। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित टीम में राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन के प्रिसिंपल डॉ. अरविंद त्रिवेदी, राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज के प्रिंसिपल डॉ. पीसी पाल, डीजीएमई कार्यालय लखनऊ से अपर निर्देश डॉ. आलोक कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया। नर्स की ओर से लगाए गए सभी आरोपों का बारीकियों से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. संजय काला, एसआईसी डॉ. आरके सिंह, ईएमओ डॉ. विनय कटियार रहे। बच्चों के तीमारदारों से पूछा, यहां कोई परेशानी तीन सदस्यीय टीम ने बाल रोग विभाग में भर्ती बच्चों के तीमारदारों से आरोपों की सत्यता का पता लगाने का प्रयास किया। यहां मिल रहे इलाज व सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। दवा अस्पताल से मिलने या फिर बाहर से लाने की जानकारी ली। डॉक्टर और स्टाफ के बर्ताव के बारे में भी पूछा। अलग-अलग वार्डों, सिस्टर रूम, दवा भंडार, ड्यूटी रजिस्टर समेत कई जरूरी कागजातों को भी देखा। टीम ने वहां की फोटो ग्राफी भी कराई। ये लगाए गए आरोप बाल रोग अस्पताल की नर्स का 6 माह पूर्व मेडिकल कॉलेज से बांदा तबादला कर दिया गया था। उसने हाईकोर्ट में जाकर तमाम खामियों का आरोप लगाया था। नर्स का आरोप है कि यहां पर मरीजों को सरकार की तरफ से दी जाने वाली सभी सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इसके अलावा डॉक्टरों की ड्यूटी भी पैसे लेकर लगाई जाती हैं। वहीं, दवाएं भी बाहर से मंगाई जाती हैं।

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