विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान के तहत कार्य करेंगे यूजीसी, एआईसीटीई और एनआईसीटीई
Kanpur News - कानपुर। प्रमुख संवाददाता उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थान जैसे यूजीसी, एआईसीटीई

कानपुर। प्रमुख संवाददाता उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थान जैसे यूजीसी, एआईसीटीई , एनआईसीटीई जल्द ही एक संस्थान के तहत काम करेंगे। इसको लेखा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बनाने की तैयारी है, जिसका बिल संसद की हाई पावर कमेटी के पास विचाराधीन है। यह बातें सोमवार को मीडिया से बातचीत करते समय नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के चेयरमैन और यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन प्रो. प्रदीप कुमार जोशी ने कहीं। उन्होंने बताया कि विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल 2025 जल्द आयेगा। एक संस्थान बनने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली समस्याएं अनुमोदन और अप्रूवल आदि एक ही संस्थान से मिल जाएगा।
इस बिल में बाहर देश के विद्यार्थियों को आकर्षित करने पर भी ध्यान रखा जा रहा है। वे सोमवार को सीएसजेएमयू में आयोजित 61वें फाउंडेशन डे के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि आए थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा को ऐसा बनाना चाहिए, जो आपको अपने देश की सभ्यता, संस्कृति के बारे में जानकारी देने के साथ दो रोटी कमाने का हुनर देने वाली हो। एनईपी के बारे में कहा कि विद्यार्थी को पढ़ाई में निरंतरता बढ़ानी पड़ेगी। एनईपी में भारतीय ज्ञान परंपरा में भारतीयता का समावेश किया गया। इस पद्धति के अंतर्गत नौकरी न ढूंढकर बल्कि नौकरी देने वाले बनें इस पर ध्यान रखा गया है। छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामले पर कहा कि विद्यार्थी को मन से मजबूत रहना चाहिए। साइकोलाजिकली मजबूत रहना चाहिए। विद्यार्थी अपना जीवन नियमित रखे। फास्ट फूड से परहेज करें। स्वस्थ मन से रहे। जीवन बहुमूल्य है। विद्यार्थी का जीवन राष्ट्र की संपत्ति। इस मौके पर विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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