
निमोनिया संग फेफड़ों में संक्रमण की मार, 30 फीसदी मरीज बढ़े
संक्षेप: Kanpur News - सुबह-शाम की ठंड और दिन में उमस का असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा वायरल
सुबह-शाम की ठंड और दिन में उमस का असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा वायरल इंफेक्शन पहले नाक और गले को प्रभावित करता फिर फेफड़े को कानपुर, प्रमुख संवाददाता। सुबह-शाम की ठंड और दिन में उमस का असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। निमोनिया और फेफड़ों में संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़े हैं। डॉक्टरों का कहना है कि चार दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। खास तौर पर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से सांस की बीमारी वाले मरीज इस मौसम की मार सबसे ज्यादा झेल रहे हैं। मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल के विभागाध्यक्ष डॉ अवधेश कुमार के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान वायरल इंफेक्शन पहले नाक और गले को प्रभावित करता है।

अगर समय पर इलाज न मिले तो संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया या ब्रोंकाइटिस में बदल रहा है। शुक्रवार से मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। ज्यादातर मरीज पहले सामान्य खांसी-जुकाम लेकर आते हैं। 4–5 दिन में बुखार और सांस फूलने की शिकायत होने लगती है। जब एक्स-रे या सीटी स्कैन किया जाता है, तो पता चलता है कि फेफड़ों में इंफेक्शन फैल चुका है। बुजुर्गों में यह संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें, गले को ढककर रखें। बहुत ठंडा या बासी खाना न खाएं। बच्चों और बुजुर्गों को अचानक तापमान बदलने से बचाएं।

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