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कानपुर

महापौर के आरोपों के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना: नगर आयुक्त

हिन्दुस्तान टीम,कानपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 08:30 PM
महापौर के आरोपों के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना: नगर आयुक्त

नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि महापौर द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों के बारे में मेरा कुछ भी कहना उचित नहीं होगा, जो उच्च अधिकारी हैं उनके संज्ञान में लाना आवश्यक होगा। वो ही निर्णय लेंगे। वहीं, अन्य अधिकारियों की मनमानी के आरोपों पर कहा कि नगर निगम की अध्यक्ष महापौर ही हैं। जिस अधिकारी द्वारा गलत काम किया गया हो उसमें मेरे माध्यम से या स्वयं जांच करा सकती हैं। कार्रवाई कर सकती हैं।

नगर आयुक्त ने सदन स्थगित होने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि जल निगम के संबंधित अधिकारी की तरफ से एफआईआर कराने के लिए अगर कोई प्रार्थना पत्र आता है तो उस पर विचार होगा। गुरुवार के घटनाक्रम पर उन्होंने कहा कि सदन में कई मुद्दे उठाए गए। इसी बीच अप्रत्याशित घटना घटी। जल निगम के जिन अधिकारियों को महापौर द्वारा सदन में उपस्थित रहने को आदेश दिया था वो आए थे। उनमें से एक अधिकारी को कुछ पार्षदों ने माला पहनाते हुए खींचकर अजीब सा माहौल बना दिया। इसके बाद उस अधिकारी को निकालकर सारे अधिकारी बाहर चले गए थे। जल निगम के अधिकारी नगर निगम से चले गए। दोबारा सदन शुरू हुआ तो सारे अधिकारी वापस आ गए। महापौर ने तुरंत घटना का संज्ञान लेते हुए जो घटना में तीन पार्षद सम्मिलित थे, उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया। महापौर की अध्यक्षता में सदन की कार्यवाही चल रही थी, जो घटना हुई उसके संबंध में अधिनियम के तहत जो व्यवस्था है। उसके मुताबिक कार्रवाई का अनुरोध महापौर से करेंगे।

लोकसभा-विधानसभा की तरह सवाल-जवाब

नगर आयुक्त ने कहा कि लोकसभा या विधानसभा में जो प्रश्न उठाए जाते हैं उसकी जानकारी पहले से होती है तो तैयारी के साथ जवाब दिया जाता है। यहां सिर्फ एजेंडा तय होता है। एजेंडे का अलावा जो सवाल अचानक पूछे जाते हैं तो पूरा डेटा साथ नहीं होता। अब हम आगे से प्रयास करेंगे, जो सवाल सदन में उठाए जाएं उसकी सूची हमें साथ में मिल जाए।

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