DA Image
23 नवंबर, 2020|3:16|IST

अगली स्टोरी

हिन्दुस्तान मिशन शक्तिः शौचालय निर्माण में रोल मॉडल हैं कानपुर देहात की बुजुर्ग रामकली

कानपुर देहात की सिकंदरा तहसील के रोहिण गांव में खासकर महिलाओं के सामने शौच जाने की समस्या थी। खुले में जाना मजबूरी थी। गांव की रामकली खुद यह दंश झेल रहीं थीं, जब 2006 में उन्होंने बेटे की शादी की और बहू के भी खुले में शौच जाने की स्थिति से वह बेचैन होने लगीं। वह कतई नहीं चाहती थीं कि उनकी बहू शौच के लिए बाहर जाए। आर्थिक तंगी से घर में शौचालय भी नहीं बनवा सकती थी। बीहड़ पट्टी के इलाके में मवेशी पालन रोजगार का बड़ा सहारा होता है, पर रामकली ने 4500 रुपए में अपनी बकरियां बेच दी और बहू को शौचालय बनवाकर उपहार में दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान में हर घर शौचालय का अभियान चला तो 2016 में रामकली गांव के हर घर में शौचालय बने, इस अभियान में लग गईं। इसके लिए ब्लॉक से लेकर डीएम, सीडीओ दफ्तर तक कई चक्कर लगाए। 75 साल की बुजुर्ग महिला का शौचालय निर्माण और स्वच्छता के प्रति जज्बा देख ब्लॉक से लेकर जनपद स्तर तक के अधिकारी प्रभावित हुए। रोहिणी गांव के 80 फीसदी घरों तक शौचालय पहुंचे, इसके पीछे रामकली बड़ी वजह बनीं। उनकी चर्चा शासन तक पहुंची तो 2017 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें लखनऊ में बुलवा कर सम्मानित किया और उनके जज्बे की सराहना की।
सीएम से सम्मानित होने के बाद और बढ़ा हौसला
सीएम से सम्मान मिलने के बाद बुजुर्ग रामकली का हौसला र जोश बढ़ गया। वह अधिक उत्साह के साथ आसपास के मजरों में भी स्वच्छता और शौचालय निर्माण के अभियान में जुट गईं। वह गांव से करीब 30 किलोमीटर दूर मुख्यालय पहुंचकर खुद डीएम से मिलकर गांव के विकास की बात कहतीं। शौचालय निर्माण में आने वाली बाधाओं को भी दूर करातीं।
अब पंचायत के रवैए से परेशान
बुजुर्ग रामकली अब ग्राम पंचायत का सहयोग न मिलने से परेशान हैं। वह कहतीं हैं कि उन्हें सूची नहीं दिखाई जाती कि कौन शौचालय नहीं बनवा पा रहा है। सूची मिल जाए तो मजरों में जाकर वह खुद लोगों को समझाकर उसमें सहयोग कर सकतीं हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Hindustan Mission Shakti: Elderly Ramkali is a role model in toilet construction