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कानपुर देहात में मिठाई की चमक पर न जाएं, करें दिमाग का इस्तेमाल

Kanpur News - कानपुर देहात में दीपावली के लिए मिठाइयों की तैयारी चल रही है, लेकिन इसमें अखाद्य रंगों और एल्यूमिनियम के वर्क का उपयोग किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने का खतरा है। बासी मिठाइयों को...

Newswrap हिन्दुस्तान, कानपुरTue, 14 Oct 2025 08:54 AM
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कानपुर देहात में मिठाई की चमक पर न जाएं, करें दिमाग का इस्तेमाल

कानपुर देहात, संवाददाता। जिले में दीपावली के लिए पिछले एक हफ्ते से मिठाइयों को तैयार करने व भंडारण का काम जारी है। इसमें ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अखाद्य रंगों के साथ ही चांदी की जगह एल्यूमिनियम के वर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसको सुरक्षित रखने के लिए केमिकल के इस्तेमाल होने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने का खतरा बना हुआ है। जबकि निर्माण व एक्सपायरी का पता न चलने से मिठाइयों की उम्र बढ़ती रहती है। दीपावली के त्योहार में मिठाइयों की मांग को देखते हुए मिठाइयां तैयार करने व भंडारण का काम हो रहा है।

दुकानों के आसपास मिठाई की भीनी- भीनी खुशबू लोगों के जहन में उतर रही है। इस समय खोए की मिठाइयों के साथ गोंद के लड्डू, मेवा व खोया के लड्डू, बालू शाही तथा इमरती, चमचम, मलाईचाप काजू कतली आदि मिठाइयां बनने का काम चल रहा है। जबकि इन मिठाइयों की बिक्री भी लगातार हो रही है। इमरती, बालूशाही व लड्डू में रंग, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक त्योहार के लिए तैयार हो रही मिठाइयों में अखाद्य रंगों के साथ ही गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। इसके साथ ही बर्फी में चांदी के वर्क की जगह एल्यूमिनियम के वर्क का दुकानदार प्रयोग कर रहे हैं। इससे त्योहार में लोगों की सेहत का खतरा बना हुआ है। जबकि लड्डू बनाने में बेसन की जगह मटर व मैदा में पीला रंग बनाकर प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही मिलावटी खोए से तैयार होने वाली मिठाई को खराब होने से बचाने के लिए केमिकल का प्रयोग किया जाता है। जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसान देह है। बासी मिठाइयों को ताजा करने का भी होता है खेल बाजार में बिकने के लिए तैयार की जाने वाली खोए की मिठाइयां चार से पांच दिन में खराब हो जाती हैं। मिठाई में तैयार होने व इसके एक्सपायरी होने का अता पता न चलने से बासी मिठाई की रिसाइक्लिंग कर ताला करने का भी खेल चलता है। खराब हो रही मिठाई को नष्ट करने के बजाय दुकानदार इसको फिर से खोया मिलाकर नया कर लेते हैं। महक न आने पाए इसके लिए सेंट आदि का इस्तेमाल किया जाता है। बोले जिम्मेदार मानक व गुणवत्ताहीन मिठाइयों की बिक्री रोकने के लिए बराबर छापमारी की जाती है । दीवाली में मिलावटी खाद्य पढ़ार्थो का निर्माण व बिक्री रोकने के लिए अभियान चल रहा है। इसमें खोया, दूध, तेल, रंगीन मिठाइयों चीनी के खिलौने गट्टे, आदि के नमूने सकलित कर परीक्षण को भेजे जा रहे हैं, जबकि खराब गुणवत्ता की खाद्य सामग्री को नष्ट भी कराया जा रहा है । - वीके पांडेय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी