एआई, न्यूरो-नेविगेशन से ब्रेन स्ट्रोक की पहचान व जल्द इलाज संभव
Kanpur News - एआई, न्यूरो-नेविगेशन से ब्रेन स्ट्रोक की पहचान व जल्द इलाज संभव एआई, न्यूरो-नेविगेशन से ब्रेन स्ट्रोक की पहचान व जल्द इलाज संभव एआई, न्यूरो-नेविगेशन स

कानपुर। पीएसआईटी में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम की मदद से ‘ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन अटैक’ विषय पर एक हेल्थ अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित दिनचर्या, हाईब्लड प्रेशर, मधुमेह और खराब खानपान से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। अचानक बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, चेहरा का टेढ़ा होना, तेज सिरदर्द व चक्कर आना इसके शुरुआती लक्षण हैं। साथ ही, मेदांता के चिकित्सकों ने शिक्षक व स्टाफ का बीपी, शुगर, लंग्स व ईसीजी जांच भी की और उन्हें सलाह दी।
पीएसआईटी में आयोजित कार्यक्रम में मेदांता के न्यूरोसर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. वीपी सिंह और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विकास शर्मा ने ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन अटैक के बारे में जागरूक किया। चिकित्सकों ने नियमित जांच, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव कम रखने का सुझाव दिया। डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), न्यूरो-नेविगेशन, टार्गेटेड थेरेप्यूटिक्स और एडवांस न्यूरो इमेजिंग जैसी तकनीक की मदद से ब्रेन स्ट्रोक और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं की पहचान पहले की तुलना में अधिक तेजी और सटीकता से की जा रही है। वैश्विक स्तर पर ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस और न्यूरल नेटवर्क आधारित तकनीकों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।संस्थान के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने कहा कि वर्तमान जीवनशैली को देखते हुए ऐसे जागरूकता सत्र का आयोजन आवश्यक हो गया है। शुरुआती लक्षण की जानकारी से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। संस्थान के ग्रुप डायरेक्टर प्रो. मनमोहन शुक्ला ने बताया कि एआई, न्यूरोइमेजिंग और एडवांस मेडिकल टेक्नोलॉजी हेल्थकेयर क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रही हैं। आधुनिक तकनीकों की मदद से न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में इलाज प्रभावी हुआ है।
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