DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ब्रह्मदत्त हत्याकांड में फर्रुखाबाद के पूर्व सपा विधायक को उम्रकैद

अटल जी के साथ ब्रह्मदत्त द्विवेदी।

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भाजपा के पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में फर्रुखाबाद से सपा के पूर्व विधायक विजय सिंह और उसके साथी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा है। न्यायालय ने इस सजा के खिलाफ दोनों अभियुक्तों की ओर से दाखिल अपीलों को खारिज कर दिया है। संजीव माहेश्वरी पहले से ही हत्या के आरोप में जेल में है जबकि न्यायालय ने विजय सिंह को 5 जून को सत्र न्यायालय के समक्ष आत्म समर्पण करने का आदेश दिया है।
27 पेशियों तक चली सुनवाई
यह फैसला न्यायमूर्ति अजय लांबा व न्यायमूर्ति डॉक्टर विजयलक्ष्मी की खंडपीठ ने विजय सिंह व जीवा की ओर से अलग-अलग दाखिल अपीलों को शुक्रवार को खारिज करते हुए दिया। अपील करने वाले ने अपर सत्र न्यायाधीश, लखनऊ  के 17 जुलाई 2003 के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि उन्हें दोषसिद्ध करने व सजा सुनाने में भारी भूल की गई थी। कुल 27 पेशियों तक चली सुनवाई में न्यायालय ने पाया कि ट्रायल कोर्ट का फैसला पूरी तरह सही था। न्यायालय ने कहा कि ब्रह्मदत्त द्विवेदी और उनके गनर की हत्या के लिए और ड्राइवर रिंकू की हत्या का प्रयास करने के आरोपों को अभियोजन ने बिना किसी संदेह के साबित किया है। नजदीकी रिश्तेदारों की गवाही को विश्वसनीय न मानने का कोई कारण नहीं है व उनकी गवाही अन्य साक्ष्यों से मेल खाती है।  
1997 में हुई थी हत्या 
भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की 9/10 फरवरी 1997 की मध्यरात्रि को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके साथ उनके गनर बीके तिवारी को भी गोली लगी थी जिसकी भी मौत हो गई थी। घटना में उनके ड्राइवर शेर सिंह उर्फ रिंकू को भी चोटें आई थीं। घटना उस समय हुई थी जब वे एक तिलक समारेाह से देर रात लौट रहे थे। घटना की प्राथमिकी द्विवेदी के भतीजे सुधांशु दत्त द्विवेदी ने फर्रुखाबाद के कोतवाली थाने में लिखाई थी। बाद में मामले की विवेचना सीबीआई को दी गयी थी।  17 जुलाई 2003 को सुनाये गए अपने फैसले में ट्रायल कोर्ट ने विजय सिंह व जीवा को हत्या व हत्या के प्रयास का दोषी करार दिया था व दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 
यह बना सजा का आधार 
मामले में अभियोजन ने कुल 67 गवाह पेश किए। जिनमें तीन गवाह सुधांशु दत्त द्विवेदी, प्रभु दत्त द्विवेदी व विजय कुमार दूबे ने प्रत्यक्षदर्शी के तौर पर गवाही दी। तीनों ने बताया कि उन्होंने विजय सिंह व उसके तीन साथियों को ब्रम्हदत्त द्विवेदी और उनके गनर पर गोली चलाते देखा। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:HC uphelds life sentence to Vijay Singh, Jeeva in Brahmadutt Dwivedi murder case