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कानपुर

आधे मरीजों को अपनों से मिला संक्रमण

हिन्दुस्तान टीम,कानपुरPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 06:21 PM
आधे मरीजों को अपनों से मिला संक्रमण

कानपुर। प्रमुख संवाददाता

कोरोना की दूसरी लहर पहले से ज्यादा घातक रही। डेल्टा वैरिएंट ने संक्रमण फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी इसलिए इस बार कोरोना संक्रमण लोगों को अपनों से मिला। स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम के सर्वे में हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। सर्विलांस टीम ने अप्रैल और मई में संक्रमितों के एक बड़े सैम्पल का आकलन किया तो सामने आया कि आधे से थोड़ा कम यानी 48.7 फीसदी लोगों को अपनों से ही संक्रमण मिला। घर के एक सदस्य के संक्रमित होने से पूरा-पूरा घर तक संक्रमित हो गया।

छोटे घरों में तो संक्रमण इतनी तेजी से फैला कि एक सदस्य की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही 3-4 दिनों में घर के कई सदस्यों को संक्रमण मिल गया। संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज होने से ही 8 अप्रैल से 18 मई के बीच अफरा-तफरी के हालात बन गए। सर्विलांस टीम ने शहर के हर कोने और बीच शहर में 1380 संक्रमितों की रिपोर्ट आने के बाद उनके घरों का सर्वे किया।

सर्वे में सामने आया कि 1380 में 672 संक्रमितों ने अपने घरों में ही परिजनों को संक्रमित कर दिया। ऐसे 402 घर संक्रमितों के मिले जिसमें सौ फीसद संक्रमण परिजन से ही मिला और घर के हर सदस्य को संक्रमण हो गया। 402 परिवारों के 516 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि इसमें मौतों का रिकार्ड शामिल नही किया गया। सर्वे में कई परिवारों में आर नॉट वैल्यू 1:9 तक पाई गई। हालांकि दूसरी तहर के समय ही जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने शहर में आर नॉट वैल्यू के 1:7 पाए जाने की आकलन रिपोर्ट जारी की थी। पहली लहर में परिवार में कोई मरीज संक्रमित हुआ तो परिवार में कोरोना के फैलाव का दायरा सिर्फ 13.3 फीसद रहा लेकिन इस बार कोरोना ने सभी के लिए सिरदर्द पैदा किया।

कोट

दूसरी लहर की पीक में संक्रमण की दर काफी अधिक रही है। घरों में एक सदस्य से कई सदस्य संक्रमित हुए। यह तो रिकार्ड में भी आने लगा है। कई-कई परिवारों में तो एक से ही पूरा परिवार संक्रमित हो गया। जबतक संक्रमित समझ पाते और अपनों से संक्रमण से परेशान हो गए। पहले तो यह समझा जाता रहा कि परिजन घर से बाहर निकले नहीं तो उन्हें संक्रमण कहां से मिला। संक्र मण की चेन लम्बी थी। ऐसा शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी देखा गया है इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का सख्ती से पालन करना ही होग।

-डॉ.जीके मिश्र, अपर निदेशक (स्वास्थ्य) कानपुर मंडल

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