सहालग की खुशियों पर भारी गैस किल्लत, 25 करोड़ का झटका

Apr 08, 2026 01:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कानपुर
share

Kanpur News - बर्रा निवासी अमित गुप्ता की बहन की शादी के लिए कैटरर्स गैस संकट से परेशान हैं। शादी में 600 मेहमानों के लिए खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। कैटरर्स ने गैस की अनियमित सप्लाई के कारण एडवांस ऑर्डर लेने से मना कर दिया है, जिससे कई परिवारों की शादी की तैयारियों में मुश्किलें आ रही हैं।

सहालग की खुशियों पर भारी गैस किल्लत, 25 करोड़ का झटका

बर्रा निवासी किराना व्यापारी अमित गुप्ता की बहन की शादी मई में है। तैयारियां लगभग पूरी हैं, लेकिन अब सबसे बड़ी चिंता खाना बनाने की है। छह सौ लोगों को भोजन कराने से पहले कैटरर ने साफ कह दिया है कि जब तक गैस का पक्का इंतजाम नहीं, ऑर्डर कन्फर्म नहीं होगा। मसवानपुर में रहने वाले रिटायर बैंक कर्मचारी सुरेश रावत के बेटे का तिलक कार्यक्रम है। कैटरर्स ने कह दिया कि गैस का इंतजाम करना पड़ रहा है। इसलिए प्रति प्लेट 50 रुपये ज्यादा देना पड़ेगा। शादियों की खुशियों के बीच यह अनिश्चितता और उलझन सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि शहर के कई घरों की परेशानी बन गई है।

15 अप्रैल से शुरू हो रहे सहालग के सीजन पर इस बार कॉमर्शियल गैस की किल्लत भारी पड़ रही है। कैटरिंग कारोबार से जुड़े व्यापारियों के मुताबिक, गैस सिलेंडर की अनियमित सप्लाई ने पूरी प्लानिंग बिगाड़ दी है। हालत यह है कि कैटरर्स एडवांस ऑर्डर लेने से बच रहे हैं, वहीं पहले से बुक कार्यक्रमों को भी “गैस उपलब्धता” की शर्त पर टालने या रद्द करने की नौबत आ रही है।नाम खराब न हो इसलिए हम भी हैं मजबूरकानपुर कैटरर्स एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन मयंक कोहली कहते हैं कि गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण कैटरर्स को लगभग 25 करोड़ का झटका पहले ही लग चुका है। शादी में सबसे बड़ी जिम्मेदारी खाने की होती है। अगर बीच कार्यक्रम में गैस खत्म हो गई तो नाम खराब होगा, इसलिए मजबूरी में शर्त रखनी पड़ रही है। उनका कहना है कि पहले जहां एक कार्यक्रम के लिए 8-10 सिलेंडर आसानी से मिल जाते थे, अब 3-4 का इंतजाम भी मुश्किल हो रहा है। इसलिए एडवांस बुकिंग नहीं हो रही है, अगर हो भी रही है तो गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की शर्त पर की जा रही है।कम मेहमान लाओ, तभी काम संभल पाएगागैस संकट का असर सिर्फ बड़े आयोजनों तक सीमित नहीं है। छोटी पार्टियां और घरेलू समारोह भी प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवार मेहमानों की संख्या कम करने या मेन्यू सीमित करने को मजबूर हैं। कैटरर्स रोहित गुप्ता कहते हैं कि स्थिति संभलते हुए नहीं दिख रही है। इसलिए साफ कह दिया है कि कम मेहमान लाओ, तभी काम संभल पाएगा। जैसे-तैसे काम निकाला जा रहा है।होटल रेस्टोरेंट में भी इस बार सन्नाटाहोटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है। आम दिनों में जो रौनक दिखती थी, वह अब कम होती नजर आ रही है। छोटे-बड़े आयोजनों की बुकिंग में गिरावट आई है, जिससे व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। होटल स्वीट्स एसोसिएशन के महामंत्री राजकुमार भगतानी के मुताबिक, सहालग सीजन में छोटी पार्टियों में भी दिक्कत आ रही है। कम से कम मेहमान लाने की शर्त पर ही हामी भर रहे हैं।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।