कुटरचित दस्तावेजों के जरिए महिला से लाखों की ठगी
पनकी निवासी गरिमा पाल को फर्जी फ्रीहोल्ड डीड और दस्तावेजों के माध्यम से लाखों रुपये की धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि सुनीता पाल और आशीष पाल ने मिलकर उसे राजस्थान के केडीए से एक संपत्ति बेचने का झांसा दिया। पनकी पुलिस ने चार आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

कल्याणपुर, संवाददाता। पनकी निवासी एक महिला को फर्जी फ्रीहोल्ड डीड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए मकान बेचकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पनकी पुलिस ने चार आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। रतनपुर की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी निवासी गरिमा पाल की 2024 में सुनीता पाल और आशीष पाल से मुलाकात हुई थी। दोनों ने केडीए की एक आवासीय संपत्ति बेचने की ऑफर दिया। मकान पसंद आने पर 29.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और 30 अगस्त 2024 को 50 हजार रुपये एडवांस चेक के माध्यम से दिए गए। आरोप है कि सुनीता पाल, आशीष पाल, बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और अन्य लोगों की मिलीभगत से पंजाब नेशनल बैंक, रावतपुर शाखा से 28.68 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया।
इसके बाद नौ सितंबर 2024 को संपत्ति की रजिस्ट्री गरिमा पाल और उनके पति के नाम कर दी गई। आरोप है कि मकान की मरम्मत व निर्माण पर उन्होंने करीब 16 लाख रुपये खर्च किए। दाखिल-खारिज के लिए केडीए में आवेदन करने पर मामला संदिग्ध मिला। हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच में केडीए ने पाया कि संपत्ति की मूल आवंटी लक्ष्मी देवी अग्निहोत्री हैं और विजय कुमार श्रीवास्तव के नाम प्रस्तुत फ्रीहोल्ड डीड फर्जी है। शिकायतों पर कार्रवाई न होने के बाद कोर्ट के आदेश पर पनकी पुलिस ने सुनीता पाल, आशीष पाल, मनोज कुमार पाल और विजय कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पनकी इंस्पेक्टर ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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