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स्मार्ट सिटी कानपुर में फुटपाथ बेजार, पैदल कैसे चलें सरकार

कहने को तो अपना शहर स्मार्ट सिटी है पर यहां की स्थिति देखकर कहना उचित नहीं है। इसका नजारा प्रमुख बाजारों या सड़कों पर देखा जा सकता है। ये तो छोड़ो,...

स्मार्ट सिटी कानपुर में फुटपाथ बेजार, पैदल कैसे चलें सरकार
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,कानपुरSat, 21 May 2022 01:05 AM

कहने को तो अपना शहर स्मार्ट सिटी है पर यहां की स्थिति देखकर कहना उचित नहीं है। इसका नजारा प्रमुख बाजारों या सड़कों पर देखा जा सकता है। ये तो छोड़ो, कब्जेदारों ने फुटपाथों पर ही दुकानें सजा रखी हैं। एक-दो नहीं, बल्कि शायद ही कोई बाजार होगा जो अतिक्रमण से कराह न रहा हो। कभी-कभी अभियान चलने के चंदे घंटे अतिक्रमण साफ रहता है पर फिर दुकानें सज जाती हैं। इतिहास गवाह है कि आज तक किसी अभियान का व्यापक और स्थायी असर कानपुर में हुआ ही नहीं। शुक्रवार को आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने पांच प्रमुख बाजारों की पड़ताल की तो अराजकता जैसी स्थिति सामने आई। फुटपाथ पर कब्जों की वजह से लोगों का निकलना दूभर रहा। ट्रैफिक ध्वस्त होता रहा। रात में चौड़े दिखने वाले बाजार दिन में संकरे नजर आए।

स्मार्ट बाजार नवीन मार्केट में भी अतिक्रमण

स्मार्ट बाजार नवीन मार्केट में वाहनों के प्रवेश तक पर चार साल पहले लगाई गई रोक का असर नहीं दिखा। मार्केट के भीतर दर्जनों वाहन खड़े मिले। दर्जनों खोमचे मार्केट में लगे रहे। ईद के बाद नगर निगम ने यहां अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया था मगर शुक्रवार को फिर से रेडीमेड कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन व घरों की सजावट का सामान सड़क पर ही फड़ लगातार बिकते मिले। यहां खरीदारी करने आए पीरोड के राज मल्होत्रा कहते हैं कि सुंदरीकरण के बाद एक भी वाहन अंदर नहीं आता था। मल्टीस्टोरी पार्किंग में वाहन खड़े होने लगे थे। फिर से पूरा बाजार में मनमानी नजर आती है।

गुमटी बाजार में कब्जे बड़ी समस्या

गुमटी नंबर पांच में अतिक्रमण बड़ी समस्या है। क्रॉसिंग से बढ़ते ही सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण नजर आया। पहला चौराहा पार करने के बाद डिवाइडर के दोनों ओर कारें खड़ी नजर आईं। बीच में पार्किंग के होने की वजह से कुछ लोग स्थाई तौर पर वाहन खड़े किए हुए थे। क्षेत्रीय निवासी सिमरन ने बताया कि यहां की सबसे बड़ी समस्या फुटकर बाजार है। दुकानें फुटपाथ तक लगती हैं। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बाजार लगता है। पार्किंग ग्राहकों के लिए डिवाइडर के दोनों ओर है। यहां सुबह से कारें खड़ी हो जाने से ग्राहक को गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं मिलती है। इससे दोनों वाहन खड़े होते हैं।

पीरोड पर कई जगह पूरा फुटपाथ ही घिरा मिला

पीरोड में कई जगह पूरा फुटपाथ ही दुकानदारों ने घेर लिया है। जितनी दुकान भीतर है उतनी ही बाहर। बनखंडेश्वर मंदिर से लेकर चौराहे तक फुटपाथ कहीं-कहीं ही दिखा। मंदिर के पास दोनों फुटपाथों पर फूल बेचने वालों का कब्जा है तो एक तरफ मिठाई और खिलौने की दुकानें फुटपाथ तक लगी हुई हैं। पी रोड चौराहे से गोपाल टॉकीज चौराहे के बीच फुटपाथ पर चल ही नहीं सकते क्योंकि दुकानें आगे तक बढ़ी हुईं हैं। ठेले और वाहन भी सड़क पर ही खड़े होते हैं। यही हाल सीसामऊ बाजार का है। यहां रहने वाले दिव्य निगम का कहना है कि नगर निगम का अभियान जब चलता है तो बस घंटे-दो घंटे की राहत होती है।

गोविंद नगर में चलना मुहाल

गोविंदनगर मार्केट में अतिक्रमण हटाओ अभियान का असर शून्य रहा। शाम होते ही रोज की तरह फुटपाथ पर दुकानें सज गईं। दुकान मालिकों और ग्राहकों की गाड़ियां सड़कों पर आड़ी-तिरछी खड़ी होने से आवागमन बधित रहा। देर रात तक वाहन रेंगकर चलते रहे। इस कारण स्थाई दुकानदारों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अतिक्रमण की वजह से लोगों का इस बाजार से होकर निकलना मुश्किल हो गया। दुकानों के सामने ठेलों ने यहां की स्थिति और खराब कर दी है। एक साड़ी शोरूम के मालिक गगनदीप भल्ला ने बताया कि मार्केट में पार्किंग व्यवस्था न होने से ग्राहक बाजार आने से कतराते हैं।

कल्याणपुर-पनकी रोड पर निकलना मुश्किल

कल्याणपुर बाजार में में अतिक्रमण से व्यापारी और आम लोग बेहाल हैं। कल्याणपुर-पनकी रोड पर फैले इस मार्केट में टेलीकॉम, गारमेंट, ज्वैलरी और किराना की दुकानें ज्यादा हैं। फुटपाथ से लेकर नाले के ऊपर और सड़क किनारे तक ठेले लगे हैं। पटरी दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। सड़क संकरी हो गई है। अतिक्रमण, ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की अराजकता ने ग्राहकों का कल्याणपुर-पनकी रोड से निकलना दूभर कर दिया है। क्रॉसिंग बंद हो जाने पर हालात खराब नजर आए। व्यापारी नेता राजेश चंदेल बताते हैं कि कई बार अभियान चला, कोई असर नहीं हुआ।

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