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25 सितम्बर, 2020|12:16|IST

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मेडिकल कॉलेज के कोरोना लैब में पांच सौ सैम्पल डम्प, एक और आरटी-पीसीआर मशीन जरूरी

मेडिकल कॉलेज के कोरोना लैब में पांच सौ सैम्पल डम्प, एक और आरटी-पीसीआर मशीन जरूरी

शहर में कोरोना की ज्यादा जांचें कराने की योजना धड़ाम हो गई हैं। जीएमवीएम कॉलेज को एक और आरटी-पीसीआर मशीन दिए जाने की कोशिशें एक पखवारे से हो रही हैं, लेकिन वह ढाक के तीन पात ही साबित हुआ। इसलिए मेडिकल कॉलेज की कोरोना लैब में हर दिन पांच सौ सैम्पलों के डम्प (सरप्लस) होने का सिलसिला जारी है। लैब में कम टेस्टिंग के चलते ही स्वास्थ्य विभाग ने सैम्पलिंग का काम भी धीमा कर दिया है।

मेडिकल कॉलेज की कोरोना लैब में दो आरटी-पीसीआर मशीनों से ही सैम्पलों की जांच हो रही है। इन दोनों मशीनों की एक दिन में अधिकतम 120 से 150 सैम्पलों की ही जांच करने की क्षमता है। ऐसे में बीते दिनों लिए गए सैम्पल क्षमता से ज्यादा भेजे गए। अतिरिक्त सैम्पलों की जांच का विकल्प स्वास्थ्य विभाग के पास केजीएमयू और एसजीपीजीआई और झांसी मेडिकल कॉलेज रहा, लेकिन चार दिन से वहां की लैब में भी अन्य जिलों का दवाब बढ़ने के कारण स्वास्थ्य विभाग को कानपुर की ही कोरोना लैब में ही सैम्पल भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

मेडिकल कॉलेज की लैब से तीन दिन से सवा सौ सैम्पलों की जांच रिपोर्ट जारी की जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने सैम्पलिंग का काम ढाई से घटाकर सवा सौ से डेढ़ सौ कर दिया है, ताकि पुराने सैम्पलों के साथ नए सैम्पलों की भी जांच होती रहे। कोरोना लैब में स्टॉफ का भी संकट है। क्योंकि अधिकांश डॉक्टर और टेक्नीशियनों को 13 मार्च से लगातार काम करना पड़ रहा है। कुछ लोग बीमार भी हो रहे हैं। ऐसे में वर्कलोड ज्यादा बढ़ने से स्टॉफ को क्वारंटीन भी किया जा रहा है।

इनका कहना

शासन ने मेडिकल कॉलेज की लैब में सैम्पल भेजने को कहा है। इसलिए उसी हिसाब से सैम्पलिंग कराई जा रही है। जहां जरूरत हो रही है,वहां पर सैम्पलिंग को बढ़ाया भी जा रहा है। सैम्पलिंग के लिए वीटीएम और किट की कमी नहीं है।

-डॉ.सुबोध प्रकाश, एसीएमओ

मेडिकल कॉलेज की कोरोना लैब में पांच सौ सैम्पल अतिरिक्त डम्प होने का सिलसिला चल रहा है। लैब की क्षमता के हिसाब से ज्यादा सैम्पल भेजे जा रहे हैं। एक और मशीन के लिए कोशिशें हो रही हैं। मिल जाए, तभी बकाए सैम्पलों को कम किया जा सकता है।

-डॉ.अशोक शुक्ल,सीएमओ

कोरोना लैब में सारा स्टॉफ क्षमता से ज्यादा काम कर रहा है। स्टॉफ की कमी नहीं है। दो मशीनों से अधिकतम सैम्पल टेस्ट किए जा रहे हैं। शहर के साथ आस-पास के जिलों के सैम्पलों के चलते एक और आरटी-पीसीआर मशीन जरूरी हो गई है। इसी मशीन में हैलट के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टॉफ के सैम्पल भी टेस्ट किए जा रहे हैं। हर सैम्पल की कोल्ड चेन बनी हुई है। सौ फीसदी गुणवत्ता रखी जा रही है।

-प्रो,आरती लाल चंदानी,प्राचार्य जीएसवीएम कॉलेज

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