ठंड की मार: तापमान में गिरावट से फूल वाली फसलें प्रभावित
Kanpur News - सर्दियों में गिरते पारे और कोहरे के कारण फसलों पर झुलसा रोग और कीटों का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई और सल्फ्यूरिक एसिड या मैंकोजेब के छिड़काव की सलाह दी है ताकि फसलें सुरक्षित रहें।
सर्दियों के मौसम में कोहरे के साथ ही पारा गिरने से किसानों को फसलों के बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है।बदले मौसम में फूल दे रही फसलों के साथ आलू, मटर, मिर्च, टमाटर आदि फसलों को नुकसान हो रहा है। वहीं पत्तेवाली फसलों में छेदक कीट का प्रकोप शुरू हो गया है। जनपद में कोहरे के साथ ही तापमान में गिरावट व कड़ाके की सर्दी बढ़ने से फूल वाली फसलों को नुकसान शुरू हो गया है।

कोहरे के साथ ही तापमान में हुई गिरावट से आलू में झुलसा रोग का प्रकोप शुरू हो गया है। इसके साथ ही मटर, टमाटर, बैगन, गोभी धनियां आदि फसलें भी प्रभावित होने लगी हैं। जबकि पत्ती वाली फसलों में छेदक कीटों का प्रकोप शुरू होने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। वहीं आने वाले दिनों में पाला गिरने की संभावना के चलते किसान फसलों की सुरक्षा के लिए चितित दिख रहे हैं।
सीएसए के तकनकी अधिकारी अजयमिश्र ने कोहरा व सर्दी के मद्देनजर किसानों को खेत में खड़ी फसलों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी। उन्होने कहा कि पाले की स्थिति में फसलों में प्रति लीटर पानी में1 मिलीलीटर सल्फ्यूरिक एसिड व गंधक के तेजाब का 0.1 प्रतिशत घोल का छिड़काव तथा मैंकोजेब 75 फीसदी व डब्ल्यूपी 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल का छिडकाव करना चाहिए।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




