घाटमपुर रजबहे व माइनरों से उड़ रही धूल
सरवनखेड़ा में किसानों को फसलों की सिंचाई में गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खरीफ के समय नहरों और रजबहे में पानी की कमी से धान की बेल बुआई में देरी हो रही है। गर्मी में पानी न मिलने से पशु-पक्षियों पर भी संकट आ गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।

सरवनखेड़ा, संवाददाता। किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए जिले में भले ही नहरों का जाल तो बिछा है, लेकिन समय पर पानी नहीं मिलने से काफी समस्या सामने आती है। खरीफ अभियान में किसानों की धान की बेल बुआई का समय होने पर रजबहे और माइनर सूखे पड़े हैं। सरवनखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र में नहरों व रजबहे में पानी न आने से किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। साथ में अब किसानों को धान की बेल बोने के लिए समस्या खड़ी हो रही है। साथ ही गर्मी में पानी न मिलने से पशु-पक्षी भी बेहाल हो रहे हैं।
समय पर पानी नहीं छोड़े जाने से काफी नुकसान होता है, साथ ही लागत भी काफी आती है। सरवनखेड़ा के मनेथू गांव के पास निकले घाटमपुर रजबहे व उससे निकली अधिकतर माइनर सूखी पड़ी होने से किसानों के अपने खेती के पानी के साथ-साथ मवेशी व पशु-पक्षियों को भी पानी के लिए बहुत समस्या खड़ी हो रही है। जिन किसानों के पास खुद के बोरिंग हैं, उन्होंने अपनी बेल बो दी है, जिसके पास पानी का साधन केवल नहरे व रजबहे है तो उनके सामने काफी समस्या है। नहर विभाग की उदासीनता के कारण नहर का निशुल्क पानी भी किसानों की सिंचाई की समस्या को हल नहीं कर पा रहा है। किसानों के मुताबिक रजबहे और माइनर में पानी नहीं होने से उनकी धान की फसल में बेल रोपाई में भी देरी होगी इससे उत्पादन प्रभावित होगा।


