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हफ्तों से क्रय केंद्रों पर डेरा डाले किसान, नहीं बिक रहा धान

हफ्तों से क्रय केंद्रों पर डेरा डाले किसान, नहीं बिक रहा धान

संक्षेप:

Kanpur News - कानपुर देहात में किसानों के लिए धान खरीदने में समस्याएं बढ़ रही हैं। सरकार ने 2369 रुपये प्रति कुंतल की दर से 68000 एमटी धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, लेकिन केवल 6882 किसानों से ही खरीद हुई है। किसान सर्दी में क्रय केंद्रों पर धान बेचने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तौल में देरी और कमीशन खोरी की शिकायतें हैं।

Jan 13, 2026 01:10 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कानपुर
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कानपुर देहात। किसानों के हितैषी होने और उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने का सरकार दावा कर रही है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। कभी बोरों की कमी तो कहीं धान की उठान न होने की बात कहकर धान की तौल नहीं हो पा रही है। इससे सरकार की मंशा के बावजूद सिस्टम की नाकामी सामने आ रही है। सर्दी में घर परिवार छोड़ किसान हफ्तों से क्रय केन्द्रों पर धान बिकने की आस में डेरा डाले हैं। जिले में इस साल 2369 रुपये प्रति कुंतल की दर 68000 एमटी धान की खरीद होनी है। इसके लिए पांच एजेंसियों के 56 क्रय केंद्र बनाए गए हैं।

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लेकिन पंजीकरण कराने वाले 16912 किसानों में अभी तक सिर्फ 6882 किसानों से ही खरीद हो पाई है। जबकि आनलाइन पंजीकरण कराने व खाता सत्यापन के बाद भी धान बेचने के लिए किसान क्रय केंद्रों पर डेरा डाले हें। किसानों का आरोप है कि तौल कराने के लिए कमीशन खोरी के साथ ही बिचौलियों व्यापारियों का धान किसानों के नाम से खरीदा जा रहा है। जबकि कहीं बोरों की कमी और कहीं धान की उठान न होने के कारण गोदाम में जगह न होने के चलते किसानों को लटकाया जा रहा हो, लेकिन इन हालातों को देख सरकार की मंशा के बावजूद सिस्टम की नाकामी सामने आ रही है। कड़ाके की सर्दी में घर परिवार छोड़ किसान केन्द्रों पर धान बिककर कुछ पैसा मिलने की आस में डेरा डाले हैं। मंडी समिति रूरा में मिल रूरा के शैलेंद्र कुमार ने बताया कि दस दिन से ट्रैक्टर ट्राली सहित मंडी में डेरा डालने के बाद उनका धान तौला जा रहा है। जबकि भिखनापुर के राम सिंह सेंगर ने बताया कि दस दिन से यहां ट्रैक्टर पर लदे धान के साथ तौल का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनका नंबर नहीं आया है। इसी तरह गुटैहा के अंकित पांडेय, सुजनीपुर के सतीश दीक्षित, बहिरी उमरी के लवकुश, बनीपारा केधीरेंद्र ने बताया किएक हफ्ते से सर्दी में मंडी में दिन रात डेरा डालकर तौल का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अभी तक तौल नहीं हो पाई है। आरोप है कि दस बजे के बाद तौल शुरू होती है और शाम को पल्लेदारों को रवाना कर दिया जाता है। जबकि चहेतों की पहले से तय डेट बताकर तौल कराई जा रही है। उधर इस पूर मामले में डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 6882 किसानों से 38467.62 एमटी धान की ही खरीद हो चुकी है। जो लक्ष्य के सापेक्ष करीब 57 फीसदी है। धान खरीद के लिए बाद में 12 क्रयकेंद्र बढ़ाने के साथ ही किसानों की उपज शत प्रतिशत खरीदने के निर्देश केंद्र प्रभारियों को दिए गए हैं। अब केंद्रों में बोरों की कमी नहीं है। जबकि जैनपुर के साथ ही कन्नौज के अलावा मंडी समिति रूराव झींझक में भी भंडारण की व्यवस्था की गई है। लेकिन एफआरके के चक्कर में दिक्कत हो रही है।