
जेट स्ट्रीम का कहर, बर्फीली हवाओं से कांप उठा शहर
Kanpur News - जेट स्ट्रीम का कहर, बर्फीली हवाओं से कांप उठा शहर जेट स्ट्रीम का कहर, बर्फीली हवाओं से कांप उठा शहर जेट स्ट्रीम का कहर, बर्फीली हवाओं से कांप उठा शहर
कानपुर। जेट कोल्ड स्ट्रीम ने 260 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ ली जो अब तक की सर्वाधिक है। ऊंचाई 12.6 किमी बने रहने के बावजूद इसने पूरे उत्तर भारत को कंपा दिया। शुक्रवार को भी तेज रफ्तार बर्फीली हवाओं से राहत नहीं मिली। धूप ने दिन में मामूली राहत दी लेकिन रात ने ठिठुरा दिया। मौसम विभाग के अनुसार सर्दी से अभी राहत की संभावना नहीं है। रात और सुबह घना कोहरा रहा लेकिन धूप जल्दी खिलने से इसका असर खत्म हो गया। हवा भी तेज होने की वजह दृश्यता बढ़ गई। धूप से जितनी राहत की उम्मीद थी उतनी नहीं मिली।
तेज बर्फीली हवाओं के असर ने शहरवासियों को ऑफिसों और घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया। रात में कोहरे के कारण चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) में न्यूनतम तापमान दूसरे दिन शुक्रवार को भी 5.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके विपरीत चकेरी स्थित एयरफोर्स वेदर स्टेशन पर न्यूनतम पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सीएसए से कम है। पूरे सीजन भर एयरफोर्स वेदर स्टेशन के तापमान सीएसए से अधिक रहे। रात में भी तेज बर्फीली हवाएं चलती रहीं। ओस भी खूब गिरी। सीएसए में रात का पारा सामान्य से 1.6 डिग्री कम रहा। रात में गलन और ठिठुरन बिल्कुल चरम पर पहुंच गई। अलीगढ़ की रात प्रदेश में सबसे सर्द रही। यहां पारा 3.4 डिग्री रहा। गाजियाबाद 4.2, मेरठ 4.3, गौतमबुद्ध नगर व फुर्सतगंज 4.4. बाराबंकी, बरेली और बिजनौर में न्यूनतम पारा 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में धूप ने तेवर दिखाए लेकिन तेज रफ्तार बर्फीली हवाएं इन पर फिर भारी पड़ीं। अधिकतम तापमान 15.4 डिग्री से बढ़कर 17.5 डिग्री रहा। यह तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में रात-दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। एयरफोर्स वेदर स्टेशन पर कोहरे की दृश्यता शून्य रिकॉर्ड की गई। उत्तर भारत में सर्दी की सबसे बड़ी वजह कोल्ड जेट स्ट्रीम मानी जाती है। अब तक इसकी गति 120 नॉट थी। पर अब इसकी गति 140 नॉट पर पहुंच गई है। अब यह 260 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है। इस स्ट्रीम के जरा भी डोलते ही ठिठुरन और कंपन भरी सर्दी अपने चरम पर चली जाती है। विशेष बात यह है कि इसकी ऊंचाई अभी भी 12.6 किमी है जो नीचे भी आ सकती है। सर्दी के सीजन में यह पहला अवसर है कि जेट स्ट्रीम की गति एक ही बार में 20 नॉट तक भरी है। पहाड़ों पर बर्फबारी जारी है। पहाड़ों व आसपास कई जनपदों में हल्की बारिश भी हुई है। पहाड़ों से होकर आने वाली हवाएं यूं ही सर्द बनी रहेंगी। कानपुर में शुक्रवार को भी घना कोहरा रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक या दो स्थानों पर वर्षा का अनुमान है। शनिवार से कोहरे से कुछ राहत मिलने की संभावना है। लेकिन, 11 जनवरी के बाद फिर कोहरा हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब का केंद्र अगले 72 घंटों के बाद कुछ असर दिखा सकता है जिससे उत्तर भारत में भी असर पड़ने की संभावना है। नए पश्चिमी विक्षोभ ने भी दस्तक दे दी है। उत्तर पाकिस्तान से आए इस विक्षोभ का असर भी 48 घंटों के बाद दिखेगा। बर्फीली हवाएं इसी तरह चलती रहेंगी। धूप में थोड़ी तेजी बढ़ेगी। इन सबके बावजूद शीतलहर बनी रहेगी। सर्दी का सितम फिलहाल जारी रहेगा। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि सुबह और शाम कोहरा बना रहेगा। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। सर्दी से राहत अभी नहीं मिलेगी।

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