एक मिनट में 25 शब्द नहीं टाइप कर पाए, तीन बाबू चपरासी बनाए
Kanpur News - यह शहर का संभवतः पहला मामला है जब किसी कर्मचारी को टाइपिंग टेस्ट न पास करने पर डिमोशन किया गया है। तीन कनिष्ठ लिपिकों को एक मिनट में 25 शब्द न टाइप करने पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बना दिया गया। पहले टेस्ट में फेल होने पर उनकी वेतन वृद्धि रोकी गई थी, और दूसरी बार भी असफल होने पर डीएम ने कार्रवाई की।

संभवत: यह शहर का पहला मामला हो सकता है, जब किसी कर्मचारी का टाइपिंग टेस्ट न पास कर पाने पर डिमोशन हुआ हो। एक मिनट में 25 शब्द न टाइप कर पाने पर कलेक्ट्रेट के तीन कनिष्ठ लिपिकों को डिमोट कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बना दिया गया है। पहली बार परीक्षा न पास कर पाने पर इनकी वेतन वृद्धि रोक दी गई थी। दूसरी बार में भी फेल हो गए तो डीएम के आदेश पर यह कार्रवाई कर दी गई। कलेक्ट्रेट में प्रेमनाथ यादव, अमित कुमार यादव और नेहा श्रीवास्तव की मृतक आश्रित में कनिष्ठ लिपिक पद पर भर्ती हुई थी।
तीनों को एक साल के अंदर टाइपिंग का टेस्ट पास करना था। 2023 में भर्ती के बाद 2024 में तीनों ने पहला टेस्ट दिया। इसमें वह एक मिनट में 25 शब्द टाइप नहीं कर सके तो वेतन वृद्धि रोक दी गई थी। साल 2025 में दोबारा टेस्ट देने का मौका मिला तो भी यह परीक्षा पास नहीं कर पाए। इस वजह से जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने डीएम कैंप ऑफिस में तैनात प्रेमनाथ यादव, कलेक्ट्रेट में तैनात नेहा श्रीवास्तव और अमित कुमार यादव का डिमोशन कर दिया। एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार के मुताबिक कलेक्ट्रेट के तीन कनिष्ठ लिपिक टाइपिंग टेस्ट में फेल हो गए हैं। पहली बार फेल होने पर उनकी वेतन वृद्धि रोकी गई थी। दोबारा भी तीनों टेस्ट में फेल हो गए हैं। तीनों का डिमोशन करके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बना दिया गया हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


