
दक्षिण शहर और शिक्षण संस्थानों के पास महिलाएं भी चरस की खरीददार
Kanpur News - दक्षिण शहर और शिक्षण संस्थानों के पास महिलाएं भी चरस की खरीददार दक्षिण शहर और शिक्षण संस्थानों के पास महिलाएं भी चरस की खरीददार
कानपुर। पिछले दिनों वैशाली एक्सप्रेस से उतारे गए नेपाली तस्कर राम पुकार और बेतिया बिहार निवासी राजमती से पूछताछ में नए राज खुले हैं। तस्कर ने कबूला कि चरस खरीदने वालों में मेडिकल कॉलेज के आसपास, काकादेव और दक्षिण शहर में दो-तीन महिलाएं भी शामिल हैं। ये सिगरेट में चरस भरकर सप्लाई करती हैं। तस्कर ने कबूला कि दो साल के भीतर सिर्फ कानपुर में 200 किलो से अधिक चरस खपाई जा चुकी है। कई और साथी तस्कर भी माल सप्लाई के खेल में लगे हैं। अब एनसीबी ने अपने स्तर से पड़ताल शुरू कर दी है। बरामद चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सवा करोड़ रुपये बताई गई है।
पिछले दिनों आरपीएफ को नारकोटिक्स सेल लखनऊ से कानपुर सेंट्रल पर बड़ी मात्रा में चरस लेकर तस्कर के आने की सूचना दी गई थी। इस निशानदेही पर आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार और नारकोटिक्स सेल की कैंट साइड पोर्टिको गेट पर गुप्त तरीके से तैनात रहे। आशंका पर दो को पकड़ा गया। इनके पिट्ठू बैग से 10 किलो चरस मिली। नारकोटिक्स ब्यूरो के इंस्पेक्टरों ने रामपुकार से पूछताछ की तो चौंकाने वाले राज खुले। अब नारकोटिक्स ब्यूरो चरस खरीदने वालों की निगहबानी शुरू कर दी है। रामपुकार ने बताया, महिला खऱीददार होने की वजह से वह महिला को भी लेकर आता था। तस्कर ने कबूला कि उसके तार मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली तक फैले हैं। इन राज्यों के लोग सीधे संपर्क में हैं। कुछ लोग भारत के धंधे से जुड़ गए हैं। राजवती पहले खरीदार थी और अब वह खुद इस धंधे से जुड़ गई है। छह महीने से वह चरस तस्करी में सक्रिय है। नारकोटिक्स सेल रेलवे सुरक्षा के पोस्ट प्रभारी एसएन पाटीदार से निरंतर संपर्क बना शहर के बारे में टोह ले रही है।

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