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हैलट में दवा संकट, लैप्स हो सकते हैं 80 लाख रुपये

हिन्दुस्तान टीम,कानपुरNewswrap
Thu, 02 Dec 2021 03:21 AM
हैलट में दवा संकट, लैप्स हो सकते हैं 80 लाख रुपये

कानपुर। वरिष्ठ संवाददाता

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में दवाओं का संकट लगातार बढ़ रहा है। कॉलेज प्रशासन ने आशंका जताई है कि अगर सप्लाई नहीं हुई तो 80 लाख रुपए लैप्स हो सकते हैं। बजट उत्तर प्रदेश राज्य मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को एडवांस में दिया थ्ज्ञा। एक करोड़ का बजट दिया गया था जिसमें अभी तक 20 लाख रुपये की दवाओं की सप्लाई हो पाई है। अस्पताल के अफसरों के मुताबिक एंडवास एंटीबायोटिक, पोस्ट ऑपरेटिव मरीजों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, इंजेक्शन से दिए जाने वाले पैरासिटामॉल का संकट खड़ा हो गया है। ओपीडी पर भी असर पड़ने लगा है। ओपीडी में भी स्किन रोग और बाल रोग जैसी ओपीडी में मरीजों को सभी दवाएं नहीं दी जा रही हैं। ऐसे हालात में दवाओं की आपूर्ति बेहद जरूरी है। प्राचार्य प्रो. संजय काला के मुताबिक दवाओं को लेकर अब कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। दवाओं का बड़ा संकट जल्द ही खड़ा हो जाएगा वैसे भी मरीजों को 40 फीसदी दवाएं भी नहीं दे पा रहे हैं। किडनी और लिवर फेल्योर के गरीब मरीज, जो आईसीयू में हैं वह कब तक बाहर से दवाएं लाएंगे। नए सिरे से 450 अति महत्वपूर्ण दवाओं की सूची दी गई है। शासन से अनुरोध किया गया है कि समय से आपूर्ति करा दी जाए क्योंकि इन्हीं दवाओं से आयुष्मान मरीजों का भी इलाज होगा है। लगातार छह महीने से डिमांड की जा रही है।

डिपो से दवा ट्रांसपोर्ट करने का बजट नहीं : मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि कॉरपोरेशन ने कानपुर में डिपो बना रखा है। वहां से दवाओं की सप्लाई हो रही है मगर दवाएं अपने वाहन, ट्रक से उठवानी पड़ रही है इसके लिए कोई अलग से बजट नहीं है। वैसे जो कंपनियां दवाओं की सप्लाई करती थी वह अपने वाहन से दवाएं भेजती थीं मगर कारपोरेशन से अपने जेब से वाहन का भाड़ा देना पड़ रहा है फ्लूड उठाने के लिए 15 हजार रुपये जेब से भरने पड़े हैं।

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