सुनीति की अनदेखी से धर्म के मार्ग से भटकता मानव
Kanpur News - कानपुर देहात के खनपना गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य राजेश द्विवेदी ने बताया कि मां अपने पुत्रों को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। ध्रुव प्रसंग के माध्यम से बताया गया कि भगवान की भक्ति से मोक्ष और इच्छित फल की प्राप्ति संभव है।

कानपुर देहात,संवाददाता। भगवान अपने भक्त की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहते हैं। सुनीति की अनदेखी करने से मानव धर्म के मार्ग से भटक जाता है। मां ही अपने पुत्रों को सन्मार्ग पर चलने की सीख देती है। ईश्वर के प्रति समर्पित होकर उनकी भक्ति करने से मानव को को मोक्ष व इच्छित फल की प्रााप्ति संभव है। गुरुवार को खनपना गांव के ब्रह्मदेव शक्ति पीठ धाम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सुनाते हुए आचार्य ने यह उ्दगार व्यक्त किए। सरवनखेड़ा ब्लॉक के खनपना गांव के ब्रह्मदेव शक्ति पीठ धाम में चल रही भगावत कथा के तीसरे दिन आचार्य राजेश द्विवेदी ने धु्रव प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि बालक को उसकी मां ही सन्मार्ग पर चलने का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने कहा कि जब राजा उत्तानपाद ने अपनी एक पत्नी सुरुचि के कहने पर अपने पुत्र ध्रुव का तिरस्कार किया तो उसकी मां सुनीति ने ध्रुव को भगवान की शरण में जाने की राह दिखाई। उस पर चलकर बालक ध्रुव ने भगवान की कृपा व परमपद की प्राप्ति की। आचार्य ने कथा के माध्यम से महिलाओं को अपने पुत्रों को सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। इसके बाद उन्होने प्रहलाद चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि समर्पण भाव से भगवान की भक्ति करने वाले भक्त की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा, बचपन में दिए जाने वाले संस्कार ही मनव को उत्तम बनाते हैं। इस मौके पर शिवसेवक द्विवेदी, जयबहदुर,शंकर, जयचंद्र, ज्ञान सिंह, महावीर व राजू पांडेय आदि मौजूद रहे।

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