प्रदेश में सबसे पहले सीएसजेएमयू में एआई का प्रयोग कर होगी परीक्षा

Feb 21, 2026 08:59 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कानपुर
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प्रदेश में सबसे पहले सीएसजेएमयू में एआई का प्रयोग कर होगी परीक्षा

कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की परीक्षा में अब एआई का प्रयोग किया जाएगा। पेपर सेटिंग और इवैल्यूएशन में एआई की मदद ली जाएगी। यह फैसला कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में शनिवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया। इसकी शुरुआत विषम सेमेस्टर परीक्षा से होगी। परीक्षा में एआई का प्रयोग करने वाला सीएसजेएमयू प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय होगा। कुलपति ने बताया कि परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि परीक्षाओं में एआई का उपयोग किया जाए। प्रश्नपत्रों की सेटिंग, मूल्यांकन, एग्जाम मॉनिटरिंग और स्टूडेंट सर्विसेज में एआई के नए मॉडल्स लाएंगे। परीक्षा में एआई सभी छात्रों से अलग-अलग सवाल पूछ सकता है।

पेपर लीक होने की संभावना न के बराबर है। किसी को यह नहीं पता लग पाएगा कि कौन पेपर बना रहा है। इसके अलावा एआई से होने वाला इवैल्यूएशन अधिक सटीक होगा। स्टूडेंट सर्विसेज की बात करें तो एआई लैस होने के बाद यह 24 घंटे चलेंगी। निर्णय में विश्वविद्यालय परीक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को चरणबद्ध रूप से लागू किए जाने निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से एआई के उपयोग पेपर तैयार किए जाएंगे। वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में सटीक मूल्यांकन होगा। लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में विश्लेषणात्मक सहायता, परिणाम विश्लेषण एवं शैक्षणिक सुधार के लिए डेटा प्रबंधन किया जाएगा। यह पहल विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, विश्वसनीय और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। एआई आधारित परीक्षा प्रणाली लागू होने से परीक्षा परिणाम अधिक सुव्यवस्थित, त्रुटिरहित एवं शीघ्र घोषित होने में मदद मिलेगी। इससे मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी, इससे परीक्षा परिणामों की विश्वसनीयता एवं शैक्षणिक साख में वृद्धि होगी। परीक्षा अनुभाग एवं शिक्षकों पर कार्यों का भार कम होगा और तकनीकी प्रयोग से कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। वर्तमान में विश्वविद्यालय में फेसलेस प्रणाली पहले से संचालित है, जिसके अंतर्गत नाम संशोधन, अंकपत्र एवं डिग्री सत्यापन, डुप्लीकेट मार्कशीट, डिग्री निर्गमन, माइग्रेशन प्रमाणपत्र तथा अन्य सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में एआई आधारित डिजिटल मॉड्यूल को सम्मिलित कर फेसलेस प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने का उद्देश्य है। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, प्रो. अंशू यादव, प्रो. आरती सक्सेना, प्रो. आरके द्विवेदी, प्रो.रोली शर्मा, प्रो. वर्षा गुप्ता, प्रो. बृष्टि मित्रा, प्रो.महेन्द्र सिंह, डॉ.विशाल अवस्थी, डॉ. पुष्पा ममोरिया, डॉ. रश्मि गोरे, प्रो.बीडी पाण्डेय, प्रो. राजेश प्रकाश, राकेश कुमार मिश्र, अशोक कुमार त्रिपाठी, डॉ. सरोज कुमार द्विवेदी और राकेश कुमार आदि उपस्थित थे।

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