Kanpur News: गायनी के 95 फीसदी कर्मी बैंकिंग योजनाओं से अनजान

हिन्दुस्तान, कानपुर
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Kanpur News: कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के 95 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी बैंकिंग योजनाओं से अनजान हैं। एक वित्तीय सर्वे में पता चला कि 90 फीसदी कर्मचारियों को साइबर ठगी से बचने के उपाय और कार्रवाई प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। इस जागरूकता को बढ़ाने के लिए एक वित्तीय साक्षरता संगोष्ठी आयोजित की गई।

Kanpur News: गायनी के 95 फीसदी कर्मी बैंकिंग योजनाओं से अनजान

Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के 95 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी बैंकिंग योजनाओं से अनजान हैं। मेडिकल कॉलेज और एसबीआई के संयुक्त वित्तीय सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विभाग के डॉक्टर, छात्र समेत 400 नर्सिंग स्टॉफ को सर्वे में शामिल किया गया है। 90 फीसदी कर्मचारियों को यह भी पता नहीं था कि साइबर ठगी होने पर तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए और शिकायत कहां दर्ज करनी है। इतना ही नहीं, 10 फीसदी कर्मचारी किसी न किसी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार भी हो चुके हैं। इन निष्कर्षों से स्पष्ट हुआ कि डॉक्टर व कर्मचारियों में वित्तीय एवं साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एवं प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने शुक्रवार को वित्तीय साक्षरता संगोष्ठी का आयोजन किया।

वित्तीय साक्षरता संगोष्ठी

जिसमें सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, सरकारी योजनाओं व बैंकिंग सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। एसबीआई के हिमांशु सिंह ने साइबर ठगी से बचाव, ओटीपी और बैंकिंग गोपनीयता बनाए रखने के उपाय बताए। वक्ताओं ने कहा कि वित्तीय साक्षरता प्रत्येक के लिए जरूरी है। डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. रश्मि गुप्ता, डॉ. रश्मि यादव, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रमुख संजय चौधरी, सिम्मी साहू, जितेंद्र शुक्ल आदि मौजूद रहे।

प्रसूताओं का अस्पताल में खुला बैंक खाता

अस्पताल की पहल पर एसबीआई ने जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थी महिलाओं के लिए अस्पताल में ही बैंक खाता खोलने की सुविधा भी शुरू की। अब तक 25 पात्र महिलाओं के खाते भर्ती के दौरान ही खोले गए जिससे सरकारी प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खाते में पहुंचेगी।

डॉ. सीमा द्विवेदी और सीएमएस डॉ. अनीता गौतम ने बताया कि अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं में से कम से कम आठ ऐसी होती हैं, जिनका बैंक खाता ही नहीं है। ऐसे में योजना की राशि का लाभ मिलने में दिक्कत आ रही थी। इसको दूर करने के लिए एसबीआई के सहयोग से बैंक खाता खुलवाया जा रहा है।

सामान्य प्रश्न

किसी साइबर ठगी का शिकार कितने कर्मचारी हो चुके हैं?
10 फीसदी कर्मचारी किसी न किसी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार भी हो चुके हैं।
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