Kanpur News: आश्रय केंद्र में अव्यवस्थाओं का अंबार, ढाई घंटे बंद रहा गेट
Kanpur News: सरवनखेड़ा, रायपुर गाँव स्थित गो-आश्रय केंद्र की जांच में व्यवस्थाओं में गंभीर कमी पाई गई। केंद्र का गेट बंद मिला और निरीक्षण में चारे की कमी, गंदगी तथा सीसीटीवी कैमरे का अभाव था। अधिकारियों ने निगरानी के लिए निर्देश दिए, लेकिन उनकी अनुपालन पर सवाल उठ रहे हैं।
Kanpur News: सरवनखेड़ा, संवाददाता। रायपुर गांव स्थित गो-आश्रय केंद्र की रविवार को पड़ताल में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। करीब 80 गोवंश वाले केंद्र का गेट ताले में बंद मिला और उसे खुलवाने के लिए करीब ढाई घंटे इंतजार करना पड़ा। केंद्र में चारे की कमी, सड़ा भूसा, गंदगी और सीसीटीवी कैमरे न मिलने से गोवंश के रखरखाव और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। शासन ने गो-आश्रय स्थलों की निगरानी व्यवस्था बेहतर करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि केंद्र में गोवंश के चारे, पानी, सफाई और रखरखाव की नियमित निगरानी हो सके। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान गेट बंद मिलने और व्यवस्थाओं की स्थिति संतोषजनक न मिलने से इन निर्देशों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सीडीओ के स्पष्ट निर्देश के बाद भी अब तक यहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके हैं。
80 मवेशियों के लिए छह झाल भूसा, वह भी एक बार
केंद्र में करीब 80 मवेशी मौजूद बताए गए। अधिकांश के टैग लगे होने की जानकारी दी गई। एक मवेशी दुर्घटना में घायल है, जिसका उपचार चल रहा है, लेकिन पशुओं के चारे की व्यवस्था बेहद कमजोर नजर आई। केंद्र में करीब छह झाल भूसा रखा बताया गया, जिसे 24 घंटे में केवल एक बार पशुओं को दिए जाने की बात सामने आई। वहीं नीचे पड़ा भूसा सड़ा हुआ नजर आया। पशुओं के लिए पर्याप्त हरा, चारा, भूसा और स्वच्छ पानी की उपलब्धता की नियमित निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं。
गंदगी के बीच रह रहे गोवंश, सफाई व्यवस्था बेपटरी
आश्रय केंद्र परिसर में जगह-जगह गंदगी दिखाई दी। टीनशेड के आसपास भी सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। गोवंश के रहने, खाने और बैठने की जगह की नियमित सफाई कितनी होती है, इसका अंदाजा परिसर की स्थिति से लगाया जा सकता है। शासन स्तर से गोवंश संरक्षण और बेहतर रखरखाव के दावे किए जाते हैं, लेकिन मौके की तस्वीर इससे अलग नजर आएंगी
एडीओ के फोन के बाद केयरटेकर पहुंचा, फिर भी नहीं खुला गेट
गेट खुलवाने के लिए करीब दो से ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद एडीओ पंचायत अकबरपुर आदित्य शुक्ल ने फोन कर केयरटेकर रवि सिंह को मौके पर भेजा। केयरटेकर के पहुंचने के बाद भी केंद्र का गेट खोलने में देरी हुई। सचिव दीपिका सचान ने उच्चाधिकारियों के आदेश के बिना प्रवेश देने से इनकार कर दिया। उन्होंने डीएम से बातचीत होने की बात कही।
कैमरे लगाने के निर्देश, फिर भी निगरानी व्यवस्था पर सवाल
शासन की ओर से गो-आश्रय स्थलों में कैमरे लगाकर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि केंद्र में रखे गए गोवंश की स्थिति, चारे की उपलब्धता, सफाई और कर्मचारियों की मौजूदगी पर नजर रखी जा सके, लेकिन पड़ताल के दौरान गेट पर ताला लगा मिलना और प्रवेश के लिए अधिकारियों को फोन करना पड़ा, इससे निगरानी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठना लाजिमी है。


