Hindi NewsUttar-pradesh NewsKanpur NewsCourt Awards 1 18 Crore Compensation for Death of Animal Doctor in Accident
10 साल लड़ कर प्रीति ने जीता मुकदमा... मिलेंगे 1.18 करोड़ रुपये

10 साल लड़ कर प्रीति ने जीता मुकदमा... मिलेंगे 1.18 करोड़ रुपये

संक्षेप:

Kanpur News - कानपुर में एक मोटर दुर्घटना में पशु चिकित्साधिकारी की मृत्यु के मामले में, कोर्ट ने पत्नी प्रीति, बेटे और ससुर को 1.18 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। यह मामला लगभग 10 साल तक चला। प्रीति ने अपने बच्चे के भविष्य के लिए संघर्ष किया और अब उन्हें न्याय मिला।

Dec 05, 2025 12:16 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कानपुर
share Share
Follow Us on

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। हादसे में पशु चिकित्साधिकारी की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण दक्षिणी के पीठासीन अधिकारी संजय कुमार वर्मा ने पत्नी प्रीति, बेटे और ससुर को 1.18 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। कोर्ट में करीब 10 साल चली इस लड़ाई को जीतना उसके लिए आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने अपना और बेटे का भविष्य सुरक्षित करने के लिए वर्तमान के संघर्षों को कभी हावी नहीं होने दिया। कभी डेढ़ साल के बेटे को लेकर उन्नाव नौकरी करने जातीं तो कभी कोर्ट में पैरवी। नतीजतन बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति देने के आदेश हुए हैं। पीठासीन अधिकारी ने यह भी आदेश दिया है कि यदि बीमा कंपनी समय पर धनराशि की अदायगी नहीं करती है तो अधिकरण के माध्यम से प्रीति धनराशि की वसूली कर सकेंगी।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

यशोदा नगर निवासी डॉ. आलोक श्रीवास्तव 10 फरवरी 2016 की सुबह 8:45 बजे अपनी साढ़े चार साल की बेटी अदिति को सेंट जेवियर्स स्कूल छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान डीके आई केयर हास्पिटल के सामने तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी जिसमें वह और उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कालेज लखनऊ भेजा गया जहां डॉक्टरों ने अदिति को मृत घोषित कर दिया। पति को आर्यनगर स्थित वेदांता ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। इसके बाद रीजेंसी ले जाया गया। सुधार नहीं हुआ तो मेदांता हास्पिटल गुड़गांव भेजा गया। वहां से पुन: उर्सला अस्पताल लाया गया, जहां 23 फरवरी को मौत हो गई। इसके बाद प्रीति की ओर से कोर्ट में वाद दाखिल कर 1.56 करोड़ रुपये का एक्सीडेंट क्लेम मांगा गया। उन्होंने आधार दिया कि पति पशु चिकित्साधिकारी थे और हरदोई के अहिरोरी ब्लाक में तैनात थे। उस समय उनका मासिक वेतन 52,822 रुपये था। अधिवक्ता जया शर्मा ने बहस की। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने सुनवाई करते हुए 1.18 करोड़ का क्लेम स्वीकृत किया। बीमा कंपनी को यह धनराशि सात फीसद ब्याज के साथ देनी होगी। इसमें मृतक की पत्नी प्रीति को 48.54 लाख, रुपये, 11 साल के बेटे अंकुर को 45 लाख और पिता उमेश नारायण श्रीवास्तव को 25 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं। प्रीति और उमेश को आधी धनराशि नकद और आधी धनराशि अधिक ब्याज देने वाली बैंक की सावधि जमा योजना में जमा की जाएगी। अंकुर के वयस्क होने तक पूरी राशि बैंक में जमा की जाएगी। ट्रक मालिक, चालक और बीमा कंपनी को बनाया था पक्षकार अधिवक्ता जया के मुताबिक उन्होंने एक्सीडेंट क्लेम में ट्रक मालिक आनंद गुप्ता, चालक जीतेंद्र प्रसाद और बीमा कंपनी ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी को पक्षकार बनाया था। अधिवक्ता ने बताया कि पहले तो ट्रक मालिक ने हादसा होने से इंकार कर दिया था। बाद में साक्ष्यों के आधार पर हादसे की बात सामने आयी थी। उन्नाव के सीवीओ कार्यालय में तैनात हैं प्रीति प्रीति वर्तमान में उन्नाव के सीवीओ कार्यालय में तैनात हैं। पति की मौत के तीन माह बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्त जरूर मिल गई लेकिन इस दौरान उन्होंने जो कुछ बर्दाश्त किया वह याद कर सिहर उठती हैं। डेढ़ साल के छोटे बच्चे को लेकर तब दर-दर भटकती थीं। कभी उन्नाव में नौकरी तो कभी कानपुर कचहरी में मुकदमे की पैरवी। यह सब उनके लिए मुश्किल था। प्रीति बताती हैं कि अब बच्चे का भविष्य बना सकेंगी।