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कानपुर

कमिश्नर को दवा वितरण प्रणाली में मिलीं खामियां

हिन्दुस्तान टीम,कानपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 06:02 AM
कमिश्नर को दवा वितरण प्रणाली में मिलीं खामियां

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में अपनाई जाने वाली दवा वितरण प्रणाली को लेकर कमिश्नर राजशेखर ने असंतोष जताया है। उन्होंने प्रणाली में सुधार के लिए एडी हेल्थ की अध्यक्षता में एक हाई पावर कमेटी बनाई है। यह कमेटी सुधार के लिए कमिश्नर को रिपोर्ट देगी। फार्मासिस्ट को निलम्बन करने के निर्देश के साथ कई विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा है।

कमेटी में एडी हेल्थ डॉ. जीके मिश्रा, सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार आईएएस, अतिरिक्त डीसीपी अनिल कुमार आईपीएस को शामिल किया गया है। प्रमुख अधीक्षक हैलट और प्राचार्य को कमेटी को सहयोग करने के निर्देश हैं। कमेटी दवा वितरण प्रणाली में सुधार की रिपोर्ट मंडलायुक्त को देगी। इसके लिए दो सप्ताह का समय है। रेमडेसिविर मामले की जांच कर रही डीएम की गठित कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। ताकि सुधार कमेटी उस रिपोर्ट के आधार पर अपनी संस्तुति दे सके। मंडलायुक्त ने बुधवार को हैलट का निरीक्षण किया है। कई बड़ी खामियां मिली हैं, जिसमें कोई डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ वर्दी में नहीं था। इमरजेंसी में तैनात सीनियर रेजीडेंट ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। इसके लिए विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

फार्मासिस्ट को निलम्बित करने के निर्देश

जनरल मेडिसिन वार्ड में दवा वितरण में मिलीं खामियों पर प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज और एसआईसी को यह निर्देश है कि सम्बंधित फार्मासिस्ट को तत्काल निलंबित करने और लापरवाही और खराब पर्यवेक्षण के लिए मुख्य फार्मासिस्ट के खिलाफ जांच स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

रेजीडेंट बाहर से लिख रहे दवाएं

रेजीडेंट डॉक्टर बाहर से दवाएं लिख रहे हैं। यह सिर्फ एक कागज के टुकड़े पर लिखा होता है। वह भी बिना हस्ताक्षर, नाम, डॉक्टरों के पदनाम और नुस्खे की तारीख के बिना। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई है। यह भी पाया कि हर मरीज और हर दिन दवाओं के लिए जीएसवीएम के मेडिकल स्टोर पर मांग की जाती है। इस पर कमिश्नर ने सभी एचओडी से स्पष्टीकरण मांगने को कहा है। अधिकांश विभागाध्यक्ष, प्रभारी अधिकारी और नोडल अधिकारी कोई निरीक्षण नोटिस जारी नहीं कर रहे हैं। अपने विभाग की सेवाओं में सुधार के लिए निरीक्षण का पालन नहीं कर रहे हैं।

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