Kanpur News: 16 मिनट के लिए 16 रुपये का ऑफर देने वाले आलम भाइयों को जमानत
Kanpur News: कानपुर में एक कपड़ा कारोबारी ने अपने जन्मदिन पर 16 रुपये में 16 सामान बेचने का ऑफर दिया, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। भीड़ ने हंगामा किया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज करके दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने उन्हें जमानत पर छोड़ दिया।

Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। अपने जन्मदिन पर 16 मिनट के लिए 16 रुपये में 16 वस्तुएं बेचने का ऑफर देकर माहौल बिगाड़ने वाले कपड़ा कारोबारी को भाई समेत निजी बंधपत्र पर जमानत मिल गई। कोर्ट ने सात वर्ष से कम सजा का अपराध होने के चलते पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज कर दी। पुलिस ने आरोपी भाइयों को रविवार गिरफ्तार किया था। बासमंडी के दलेलपुरवा स्थित रेडीमेड कपड़ा के कारोबारी रईस आलम ने अपने जन्मदिन पर सोशल मीडिया में 16 मिनट के लिए 16 रुपये में ग्राहकों को जींस, टीशर्ट, पैंट-शर्ट, बेल्ट, चश्मा, पर्स समेत 16 सामान देने का ऐलान किया था।
ऑफर 16 अगस्त की रात 12 बजे से शुरू होना था। सोशल मीडिया पर ऑफर वाली रील वायरल होने के बाद 15 अगस्त की रात आठ बजे से ही क्षेत्रीय लोगों की भीड़ जुटने लगी। देर रात 11 बजे तक उनकी दुकान पर करीब दो हजार लोगों की भीड़ जुट गई। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया लोगों की भीड़ अनियंत्रित होने लगी। इस पर रईस आलम ने अपनी दुकान बंद कर दी तो भीड़ हंगामा कर जबरदस्ती दुकान में घुसने लगी। दुकानदार और उसके भाइयों ने भीड़ पर लाठी चलाकर हटाने का प्रयास किया तो लोग उग्र हो गए। आक्रोशित भीड़ ने रोड जाम कर दुकानदार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे की सूचना पर डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार, एसीपी अनवरगंज मंजय सिंह समेत सात थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा और लाउडस्पीकर के जरिए भीड़ को लाठी पटककर खदेड़ा। इस मामले में पुलिस ने मो. आलम उसके भाई रईस आलम और सलमान आलम के खिलाफ सेवन सीएलए, शांतिभंग, दूसरों की जान को खतरे में डालने की धाराओं में मुकदम दर्ज कर रईस और सलमान को गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट भेजा। मामले में अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि उन्होंने सात साल से कम सजा वाले अपराध होने के चलते रिमांड खारिज करने की अर्जी दी। इस पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने पुलिस का रिमांड खारिज कर दिया और 50 हजार के निजी बंधपत्र देने पर दोनों भाइयों को छोड़ दिया गया। विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी कोर्ट ने लिखा है।


