DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

छापों में जांच का तरीका एक ही रखेंगे सीजीएसटी और एसजीएसटी अफसर

छापों में जांच का तरीका एक ही रखेंगे सीजीएसटी और एसजीएसटी अफसर

छापों के बाद कर वसूली, जांच और नोटिस जैसी प्रक्रियाएं स्टेट जीएसटी और सेंट्रल जीएसटी की अलग-अलग हैं। जीएसटी के बाद वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स सहित 17 टैक्स का विलय हो गया है। ऐसे में किसी एक केस में अगर दोनों विभागों ने जांच की तो करदाता को दो विभागों की जांच से गुजरना पड़ेगा। दोनों की प्रक्रिया भी अलग-अलग होगी। इस स्थिति में अगर करदाता अदालत गया तो विभागों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ सकता है। इससे बचने के लिए स्टेट जीएसटी सेंट्रल जीएसटी की जांच प्रक्रिया को अपनाएगा। ऐसे तमाम मुद्दों पर सीजीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर विवेक कुमार जैन और असिस्टेंट कमिश्नर चंचल कुमार तिवारी की एसजीएसटी के एडीश्नल कमिश्नर आर के श्रीवास्तव के साथ लंबी बैठक हुई।

बुधवार को सर्वोदय नगर स्थित सेंट्रल जीएसटी मुख्यालय में कमिश्नर संसार चंद के निर्देश पर ज्वांइट कमिश्नर विवेक कुमार जैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें असिस्टेंट कमिश्नर चंचल कुमार तिवारी, एसजीएसटी के एडीश्नल कमिश्नर आर के श्रीवास्तव, जीएसटी के मास्टर ट्रेनर विशाल पुंडीर और अभिजीत कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

वाणिज्य कर अफसरों ने सीजीएसटी से टैक्स एसेसमेंट, कारण बताओ नोटिस और आदेश देने की प्रक्रिया के बारे में जाना। दरअसल वाणिज्य कर विभाग टैक्स चोरी का माल पकड़ता है तो पकड़े गए माल पर टैक्स व पेनाल्टी वसूल कर छोड़ दिया जाता है। सीजीएसटी छापे में पिछले पांच साल का बहीखाता जांचता है।

दोनों विभागों ने के बीच बात उठी कि एक ही केस में अगर सीजीएसटी और एसजीएसटी की जांच का तरीका अलग हुआ और करदाता अदालत में चला गया तो वहां विभागों की कार्यशैली पर कोर्ट सवाल खड़े कर सकती है। इस स्थिति से बचने के लिए स्टेट जीएसटी लगातार सीजीएसटी के संपर्क में रहेगा। सीजीएसटी के सिस्टम को एसजीएसटी अपनाने का प्रयास करेगा।

स्टेट जीएसटी ने छापेमारी से जुड़ी फर्मों का रिकार्ड दिया। नेशनल क्लैमिटी फंड और आईजीएसटी से संबंधित मामले सेंट्रल जीएसटी को देने पर सहमति जताई गई। कुछ बिंदुओं को लेकर भ्रम था। जैसे छापों की पूरी फाइल सीजीएसटी को देना है या फिर सीमित जानकारी देना है, इसका फैसला मुख्यालय पर छोड़ दिया गया। वाणिज्य कर अधिकारियों ने कहा कि छापे के दौरान अगर कोई सर्विस टैक्स करदाता मिला तो पिछले पांच साल का पूरा रिकार्ड सीजीएसटी को सौंप देंगे। तंबाकू और पान मसाला कारोबारियों पर छापे की सूचना स्टेट जीएसटी विभाग सेंट्रल जीएसटी को साझा करेगा। करदाता को दोहरे छापों की मार से बचाने के लिए समन्वय समिति का गठन किया जाएगा।

तय हुआ कि एक फरवरी से सेंट्रल का ई वे बिल लागू होते ही स्टेट ई वे बिल खत्म हो जाएगा। चंचल कुमार तिवारी ने ई वे बिल में आने वाली हर दिक्कत को दूर करने के लिए स्टेट जीएसटी को मदद का आश्वासन दिया। एसजीएसटी अधिकारियों के भ्रम को दूर करने के लिए कार्यशाला पर चर्चा हुई, जिसे मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद फाइनल किया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:CGST and SGST will keep the same way of checking in impressions